लाडवा। नवनियुक्त प्रधान संजय गर्ग व अन्य आढ़ती। संवाद
लाडवा। 15 दिन से चल रही उठापटक के बीच शुक्रवार को अनाज मंडी लाडवा एसोसिएशन एक बार फिर दो पक्षों में बंट गई। साल 2025 में हुए चुनाव में राजीव आर्य ने एकतरफा जीत दर्ज करते हुए संजय गर्ग को हराया था। राजीव आर्य एक साल के लिए मंडी एसोसिएशन के प्रधान नियुक्त हुए थे। 31 मई को चुनाव का एक साल पूरा होने वाला है।
गेहूं के सीजन से आढ़तियों में चल रहा मनमुटाव 15 मई को एक विस्फोट में तब्दील हो गया। इससे पहले शुक्रवार सुबह अनाजमंडी धर्मशाला में आढ़तियों की एक बैठक आयोजित की गई जिसमें लगभग 54 आढ़तियों के इकट्ठा होने का दावा किया गया। एकत्रित हुए आढ़तियों ने वर्तमान प्रधान पर भेदभावपूर्ण तरीके से काम करने का आरोप लगाया। सभी आढ़तियों ने एकजुट होकर बागी तेवर अपनाते हुए संजय गर्ग को प्रधान, विजय कांबोज को सचिव तथा नरेंद्र कुमार को कैशियर नियुक्त किया। नवनियुक्त प्रधान संजय गर्ग ने सभी आढ़तियों का आभार प्रकट करते हुए सभी के हित में काम करने का आश्वासन दिया।
वही इससे लगभग दो सप्ताह पहले पूर्व प्रधान बिमलेश गर्ग के नेतृत्व में दो मई को दुकान नंबर 12 पर लगभग 25 आढ़तियों ने बैठक कर अलग एसोसिएशन बनाने का निर्णय लिया था। उन्होंने बताया था कि वर्तमान प्रधान उठान को लेकर भेदभाव कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए बताया था कि उस दौरान 14 ट्रकों में लगभग आठ हजार कट्टे गेहूं के लदे हुए थे लेकिन उनको गोदाम में ले जाने के लिए टोकन नही दिया जा रहा था। सरकार के निर्देशानुसार 72 घंटों में किसान को उसकी फसल की पेमेंट करनी होती है लेकिन जब उठान ही नही होगा तो किसानों को पेमेंट कैसे मिलेगी। उन्होंने आरोप लगाते हुए बताया था कि उस दौरान मंडी में लगभग साढ़े तीन लाख गेहूं के कट्टे अटके पड़े थे।