कुरुक्षेत्र। जग ज्योति दरबार में रविवार को महंत राजेंद्र पुरी ने सत्संग करते हुए कहा कि सनातन को राष्ट्र और समाज को मजबूत करने का आधार माना जाता है क्योंकि यह नैतिक और आध्यात्मिक मूल्यों पर आधारित है। इसकी परंपराओं, संस्कृति एवं जीवन शैली को एकता और सशक्तीकरण का स्रोत माना जाता है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के सिद्धांतों का पालन करके राष्ट्र में शांति, समृद्धि और एकता स्थापित होती है। सनातन धर्म, जीवन और समाज के हर पक्ष को वैज्ञानिकता और तर्क पर खरा उतरने वाला माना जाता है। महंत ने कहा कि भारत को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति के रूप में देखने की छवि का निर्माण सनातन धर्म और हिंदू समाज की एकता से जुड़ा है। इस अवसर पर सत्संग सुनने के लिए बड़ी संख्या में दरबार में श्रद्धालु पहुंचे। महंत राजेंद्र पुरी ने बताया कि गीता जयंती के अवसर पर दरबार में विशेष अनुष्ठान एवं गीता पाठ भी किया जाएगा। इसके लिए संतों को भी आमंत्रित किया जा रहा है।