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Kurukshetra News: ठंड से नहीं ठिठुरेंगे साक्षी शिवा, रीना और रवि

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कुरुक्षेत्र/पिपली। दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे 44 पर स्थित चिड़ियाघर में मौजूद जीव जंतुओं को अब कड़ाके की ठंड नहीं सता पाएगी। साक्षी, शिवा के अलावा रीना और रवि के लिए खासतौर पर हीटर का प्रबंध किया गया है तो वहीं अन्य जीव जंतुओं के लिए भी हवा से बचाव से लेकर अन्य प्रबंध भी किए गए हैं।
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मौसम में हुए बदलाव को देख चिड़ियाघर प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया है, जिसके चलते जीव जंतुओं के आहार तक में बदलाव किया गया है। अब यहां रखे गए पांचों लंगूरों को मूंगफली व गुड़ भी खिलाया जाने लगा है। बता दें कि चिड़ियाघर में 62 जीव-जंतु हैं, जिन्हें देखने के लिए हर रोज दूर-दराज से पर्यटक पहुंचते हैं।
इन जीव-जंतुओं में साक्षी व शिवा के रूप में शेर-शेरनी, रवि व रीना के रूप में एक जोड़ा पेंथर के अलावा एक जोड़ा लकड़बग्घा का भी है। यही नहीं चिड़ियाघर में पांच लंगूर हैं। जहां शेर-शेरनी, पेंथर व लकड़बग्घा के लिए हीटर लगाए गए हैं तो वहीं लंगूर व अन्य जानवरों को शीतलहर से बचाने के लिए जालियां भी चिक व बैंबू के जरिए ढांपा गया है। यही नहीं घड़ियाल व दरियाई घोड़ा हिप्पो को ठंड से बचाने के लिए हर दूसरे दिन पानी बदला जाने लगा है।
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ठंड में नहीं निकल पा रहे पर्यटक ःचिड़ियाघर में जहां सामान्य दिनों में हर रोज करीब 600 तक पर्यटक पहुंचते रहे हैं वहीं पिछले कई दिनों से यह संख्या घटकर करीब 100 तक रह गई है।
गत दिवस शुक्रवार को महज 80 पर्यटक ही पहुंचे। निरीक्षक देवेंद्र कुमार का कहना है कि गीता महोत्सव के दौरान हर रोज 800 से भी ज्यादा पर्यटक यहां पहुंचते रहे हैं।
हर जीव-जंतु को बचाने के लिए किए गए प्रबंध : वन्य प्राणी विभाग के निरीक्षण देवेंद्र कुमार का कहना है कि बढ़ती ठंड से चिड़ियाघर में हर जीव-जंतु को बचाने के लिए उचित प्रबंध किए गए हैं। यहां तक की शीतलहर के प्रकोप को रोकने का भी प्रयास किया गया है। ठंड बढ़ने से पर्यटकों की संख्या भी बेहद कम हो गई है। ठंड में सभी जीव-जंतु दुबके रहते हैं और हल्की धूप खिलते ही विचरण करने लगते हैं।
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