कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी से 12 दिवसीय मां नर्मदा परिक्रमा के लिए गए संत महापुरुषों का होली के उत्सव पर नजारा देखने लायक था। अखिल भारतीय श्री मारकंडेश्वर जनसेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत जगन्नाथ पुरी ने बताया कि जिले से आए हुए संत महापुरुषों ने सनातन परंपरा का निर्वहन करते हुए पवित्र नर्मदा नदी के तट पर विधिवत होलिका अनुष्ठान का आठ दिवसीय पूजन समाप्त करने के उपरांत भव्य होली मनाई। यह होली उत्सव नर्मदा मैया की पावन उपस्थिति में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
महंत ने बताया कि संतों ने शास्त्रीय विधि से पूजा-अर्चना की और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। नर्मदा नदी के तट पर उत्सव का विशेष महत्व है। नर्मदा के पावन तट पर संतों ने होली खेलते हुए इसे प्रेम और भाईचारे का प्रतीक बताया। ऐसा अवसर सनातन धर्म की जीवंत परंपराओं और नदियों के प्रति गहरी आस्था को दर्शाता है। इस अवसर पर महामंडलेश्वर विद्या गिरी, महामंडलेश्वर कमलेश गिरी, महंत सर्वेश्वरी गिरी, स्वामी सुरेश भारती, स्वामी लक्ष्य लखनपुरी सहित अन्य मौजूद रहे।