शिरोमणी अकाली दल हरियाणा के आने वाले पंचायती चुनाव अपने चुनाव चिह्न तराजू पर लड़ेंगी। शिअद हरियाणा में 36 बिरादरी का साथ देगी, जिसमें किसी भी जाति का प्रतिनिधि खड़ा हो।
यह कहना था शिरोमणी अकाली दल के प्रदेश अध्यक्ष शरणजीत सिंह सोथा का। वह कुरुक्षेत्र सिख मिशन कार्यालय में अमर उजाला से विशेष बातचीत कर रहे थे।
शरणजीत सिंह सोथा ने कहा कि शिअद हरियाणा के आने वाले पंचायत और जिला परिषद के चुनावों में 36 बिरादरी के साथ खड़ी है। चाहे वह किसी भी जाति का प्रत्याशी क्यों न हो। वे सभी प्रत्याशियों का इन चुनावों में साथ देंगे। एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि हरियाणा में पंचायती चुनाव की नई तारीख आने में समय लग रहा है।
तारीख आने से पहले ही शिरोमणी अकाली दल हरियाणा में अपनी पैठ मजबूत करने के लिए पूरे प्रदेश में कार्यकर्ताओं की बैठक बुला रहा है। शिअद ब्लॉक स्तर पर भी पार्टी को मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। महिला विंग और युवा विंग भी काम कर रहे हैं।
शिअद के सब ऑफिस भवन के एक प्रश्न में सोथा ने कहा कि शिअद के सब ऑफिस कार्यालय की नींव प्रथम पातशाही गुरुद्वारे में कुछ वर्ष पहले रखी गई थी। इस पर उस समय भवन निर्माण भी शुरू हो गया था। कुछ समय बाद कमेटी ने निर्णय लिया कि हम इस कार्यालय को जीटी रोड पिपली में बना दें।
इसके लिए जगह भी देख ली गई थी, लेकिन तभी हरियाणा गुरुद्वारा की अलग कमेटी का मामला उठ गया। कमेटी को अलग करने का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट से मामला निपटने के बाद कमेटी के सब ऑफिस का काम शुरू किया जाएगा।
सरबत खालसा पर प्रधान नियुक्त करने पर उन्होंने कहा कि पंजाब के साथ हरियाणा की सिख संगत अकाल तख्त पर भरोसा करती है और उनके साथ है। सरबत खालसा द्वारा लिया गया निर्णय कांग्रेसियों की शह पर लिया गया है। सरबत खालसा कांग्रेस का एक भाग है।
जो कि पंजाब में सिख कौम और अकाल तख्त को बांटने की साजिश रच रहा है। सिख कौम अकाल तख्त के साथ जुड़ी हुई है। सोमवार को अंबाला में गुरु ग्रंथ साहब की बेअदबी के मामले में सोथा ने सरकार से मांग की है कि वे इस पर कार्रवाई करें और इस प्रकार की गलत हरकत करने वालों को गिरफ्तार करें।