कुरुक्षेत्र। पिहोवा मार्ग पर श्री अवधूत आश्रम में 29 मार्च से चल रहे रुद्रचंडी महायज्ञ में संत महात्माओं और श्रद्धालुओं ने पूर्णाहुति डाली। चैत्र पूर्णिमा पर महायज्ञ की पूजा पूर्ण आहुति परमहंस ज्ञानेश्वर के साथ संत समाज ने दी।
यज्ञ उत्तर भारत के प्रख्यात यज्ञाचार्य पंडित सोमदत्त भारद्वाज के मार्गदर्शन में हुआ। उन्होंने कहा कि परमहंस ज्ञानेश्वर के आशीर्वाद से बड़े गुरुजी अवधूत के बोध दिवस एवं आश्रम के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में किया गया।
यज्ञ व रुद्रचंडी महायज्ञ के बारे में बताया कि भगवान शिव अति शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवता हैं। प्रसन्न होकर सेवकों को भक्ति और मुक्ति प्रदान करते हैं। संत महामंडल की संरक्षक तथा विभिन्न राज्यों में स्थापित मठ मंदिर आश्रमों की अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी विद्यागिरि एवं देश-विदेश से आए संत महात्माओं के साथ महंत श्रीमहंत बंशी पुरी, महंत गुरुभगत सिंह, महंत ब्रह्मा नंद हरिद्वार, महंत नरेश पुरी, महंत ऋषभ देव नोएडा, महंत ईश्वर दास, वैद्य पंडित प्रमोद कौशिक, महंत दीपक प्रकाश, स्वामी दर्शन दास, स्वामी देवी शरण दास, स्वामी गंगा दास, स्वामी मंगल नाथ, महंत राम मुनि हरिद्वार, महंत सुनील दास, महंत स्नेह दास, महंत वीर पुरी और महंत हरिओम परिवाजाक्र इत्यादि संत शामिल हुए। अनुष्ठान के बाद विशाल भंडारा दिया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर डॉ. सत्यम कौशिश आयुर्वेदाचार्य, डॉ. रितन कौशिश आयुर्वेदाचार्य, पंडित रमेश शर्मा, ईश्वर गोड्डा पाटिल कर्नाटक, डॉ. रितजा पुणे, शिवम संबल, प्रोफसर डॉ. सपना, स्वामी मंगल मूर्ति, स्वामी महातपा, चेतन मुनि,उमेश गर्ग और अमित कौशिश सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।
कुरुक्षेत्र। श्री अवधूम आश्रम में यज्ञ के दौरान आहुति डालते संत समाज के लोग। विज्ञप्ति