कुरुक्षेत्र। आरएसएस की कुरुक्षेत्र में रखी गई पांच राज्यों के प्रतिनिधियों की बैठक में शनिवार को दूसरे दिन संघ, संगठन की परंपरा के साथ-साथ श्रीराम जन्मभूमि, अनुच्छेद-370 और नागरिक संशोधन कानून मुद्दों पर मंथन हुआ। जिसमें जम्मू - कश्मीर, हिमाचल और पंजाब के 350 से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल हुए। एक दिन पहले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ऐसी ही एक बैठक हरियाणा और दिल्ली के प्रतिनिधियों के साथ भी कर चुके हैं। बैठकों का दौर अलग अलग सत्रों में जारी है।
बैठक के दौरान श्रीराम जन्मभूमि, अनुच्छेद-370 और नागरिक संशोधन कानून जैसे विषय न रखे गये हों, लेकिन मोहन भागवत उपरोक्त तीनों मुद्दों पर आए फैसलों का जिक्र किये बिना नहीं रहे। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि और अनुच्छेद-370 जैसे मुद्दों पर संघ शुरुआती दौर से संघर्षरत है। मगर संघ की पीड़ा यह है कि समाज से कुछ नकारात्मक आवाज यह आरोप लगाकर उठतीं रहीं कि संघ उक्त मुद्दों को उछाल कर राजनीति करता है,जबकि यह सत्य नहीं था और इन तीन मुद्दों पर देश की सर्वोच्च अदालत और सबसे बड़ी पंचायत ने जो निर्णय लिया है। वह सिर्फ आरएसएस ही नहीं, बल्कि देश की मूल आत्मा के विषय रहे हैं, जिसे संघ समय समय पर उठाता रहा। पिछले दिनों में जो फैसले आए हैं,उससे सब ठीक होना ही था,इसकी वजह से समाज का संबल भी बढ़ा है। संघ का मानना है कि अभी भी कुछ लोग नकारात्मक वातावरण बना रहे हैं।
संघ प्रमुख का क्षेत्र प्रवास
संघ प्रमुख मोहन भागवत कुरुक्षेत्र में चल रही उत्तर क्षेत्र की जिस बैठक के चलते पांच दिन के प्रवास पर हैं,वह बैठक देशभर में हर साल किसी ना किसी एक क्षेत्र में की जाती है। शनिवार तक इस बैठक में पांच राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हो चुके हैं। इस बैठक में पांचों प्रांतों के जिला कार्यवाह,जिला संघ चालक और जिला प्रचारक भागीदारी कर रहे हैं।
पांच राज्यों की गतिविधियों का मूल्यांकन
हर वर्ष संगठन के कार्यो की गति कैसे चल रही है, गतिविधियों को और बेहतर ढंग से संचालन करने के लिये किस तरह की आवश्यकता है। संघ और सामाजिक कार्यों में कितना विस्तार हुआ है उन्हें कैसे अंजाम दिया जा रहा है,यह मूल्यांकन भी इस बैठक में संघ प्रमुख के समक्ष हो रहा है। मूल्यांकन के साथ इस बैठक में अगले कार्यों की योजना भी बनाई जा रही है।
संघ का मूलभूत विषय हैं प्रवास
इस तरह के प्रवास के दौरान आरएसएस प्रमुख संगठन को मजबूत बनाये रखने के लिये रूबरू होते हैं और तमाम गतिविधियों की फीडबैक लेने के साथ जरूरी, दिशानिर्देश भी देते हैं। प्रवास करना संघ का मूलभूत विषय है। इसके माध्यम से कार्यकर्ताओं की संभाल कैसे की जाए। तमाम तरह की गतिविधियों से समाज में संघ के प्रति विश्वास लगातार बढ़ रहा है,जिसकी वजह से समाज की अपेक्षा भी बढ़ रही है,ऐसे में सामाजिक कार्यो में स्वयं सेवक बढ़ चढ़कर भाग लें,ऐसे विषयों पर बैठक में गहराई से अध्ययन हो रहा है।