कुरुक्षेत्र। विजेताओं को प्रोत्साहित करते आयोजक। स्वयं
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के गुलजारी लाल नंदा सेंटर में पीएम विश्वकर्मा एक्जिबिशन कम ट्रेड फेयर-2025 का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में संस्कृत प्रकोष्ठ, हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी पंचकूला के सौजन्य से अंतरविद्यालय स्तरीय संस्कृत स्तोत्र-गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न विद्यालयों और संस्थानों से आए प्रतिभागियों ने पारंपरिक संस्कृत स्तर का सुंदर गायन प्रस्तुत किया। सांस्कृतिक विरासत को सुरों के माध्यम से सजीव किया।
मुख्य वक्ता प्रो. कृष्णा देवी ने स्तोत्र गायन की भारतीय परंपरा, उसका वेदों से संबंध और मानसिक स्वास्थ्य पर उसके सकारात्मक प्रभावों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि स्तोत्र गायन न केवल आध्यात्मिकता का माध्यम है बल्कि यह मन को शांत और संतुलित रखने में भी सहायक है। युवाओं से आग्रह किया कि वे इस पवित्र परंपरा को सीखने और अपनाने के लिए आगे आएं, क्योंकि यह न केवल आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम है बल्कि व्यक्तित्व विकास और मानसिक संतुलन के लिए भी अत्यंत लाभदायक है।
संस्कृत प्रकोष्ठ के निदेशक प्रोफेसर सीडीएस कौशल ने प्रतिभागियों के उत्साह और प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रतियोगिता दो वर्गों सीनियर और जूनियर में आयोजित की गई। सीनियर वर्ग में रोजिता ने प्रथम, प्रांशु ने द्वितीय और छवि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। जूनियर वर्ग में अनुष्का शर्मा प्रथम, दिव्यांशु रावल द्वितीय और पवनीत कौर तृतीय स्थान पर रहीं। केंद्र की निदेशिका प्रोफेसर शुचिस्मिता ने विजेताओं को प्रोत्साहित किया। इस मौके पर एमएसएमई करनाल के सहायक निदेशक मुकेश वर्मा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।