प्रदेश सरकार की ओर से पदोन्नति में आरक्षण लागू करने के विरोध में सामान्य एवं पिछड़ा वर्ग के प्रदेश भर के कर्मचारी लामबद्ध हुए और विशाल रोष मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सरकारी की इस नीति के खिलाफ कर्मचारियों ने एकजुटता से सरकार की नीति का विरोध जताया। इस नीति को समाप्त करने की मांग को लेकर कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त सुमेधा कटारिया को ज्ञापन भी सौंपा। इससे पहले जाट धर्मशाला में हरियाणा सामान्य एवं पिछड़ा कर्मचारी मंच का वार्षिक सम्मेलन हुआ, जिसमें प्रदेश भर से कर्मचारी शामिल हुए। सम्मेलन की अध्यक्षता अखिल भारतीय समानता मंच के महासचिव वीपी नोटियाल ने की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पदोन्नति में आरक्षण लागू कर सरकार 80 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ अन्याय कर रही है। वर्तमान सरकार आरक्षण नीति को कर्मचारियों पर जबरदस्ती थोप रही है। राज्य प्रधान अजमेर सिंह मथाना ने 117वें संविधान संशोधन के खिलाफ लखनऊ में 11 नवंबर को आयोजित होने वाली रैली में शामिल होने का आह्वान किया ताकि सरकार की नीति का एकजुटता के साथ विरोध जताया जा सके। इस अवसर पर पंजाब से जसवंत सिंह धालीवाल, कपूरथला से जयपाल फौगाटा, दिल्ली से एके सिंहा, चंडीगढ़ से श्याम लाल शर्मा, हैदराबाद से सैयद नसीरउल्ल हक, करनाल से दविंदर सचदेवा, चंडीगढ़ से अनूप राठी, सिरसा से हरि सिंह गोदारा, बलबीर सिंह, महासचिव संजीव कुमार और वीके गुप्ता सहित अन्य कर्मचारी मौजूद थे।
11 को लखनऊ में होगी रैली
कर्मचारी नेता शैलेंद्र दूबे ने कर्मचारियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि 11 नवंबर को लखनऊ में विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कर्मचारियों को इस रैली में शामिल होने का आह्वान किया और कहा कि कर्मचारियों को संविधान की धारा 117 के विरुद्ध लामबद्ध होकर विरोध दर्ज करवाना होगा।