कुरुक्षेत्र। नेशनल हाइवे 44 पर पिपली से थोड़ा आगे चलकर धुंधली हो चुकी सफेद पट्टी। संवाद
कुरुक्षेत्र। जिले में सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ लगातार चिंताजनक बना हुआ है। जिले में तीन नेशनल हाईवे और चार स्टेट हाईवे हैं, जिन पर कुल पांच दुर्घटना संभावित क्षेत्र (ब्लैक स्पॉट) चिह्नित किए गए हैं।
इसके अलावा कुरुक्षेत्र-कैथल रोड (एमडीआर-119) पूरा दुर्घटना संभावित जोन घोषित किया गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष में अब तक जिले में करीब 150 लोगों की विभिन्न सड़क हादसों में मौत हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि खराब सड़क मार्किंग, फीकी पड़ चुकी जेब्रा क्रॉसिंग व सेंटर लाइन (सफेद-पीली पट्टी) और सड़कों पर बने गहरे गड्ढों के कारण दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। आरटीए विभाग में निरीक्षक के पद पर तैनात जोग्रिंद्र के अनुसार नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर रोड मार्किंग का कार्य धुंध का मौसम आने से पहले पूरा कर लिया जाएगा।
विभाग का दावा है कि नेशनल हाईवे पर यह काम लगभग पूरा हो चुका है, स्टेट हाईवे व एमडीआर पर अभी कार्य प्रगति पर है।
कुरुक्षेत्र। नेशनल हाइवे 44 पर पिपली से थोड़ा आगे चलकर धुंधली हो चुकी सफेद पट्टी। संवाद