कुरुक्षेत्र। गीता ज्ञान संस्थानम् में आयोजित बैठक को संबोधित करते स्वामी ज्ञानानंद। संस्थान
कुरुक्षेत्र। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद के सानिध्य में गीता ज्ञान संस्थानम् एवं जीओ गीता की वर्ष 2026 के लिए नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। जनता कॉलेज कौल के प्राचार्य डाॅ. ऋषिपाल को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। जयनारायण शर्मा एडवोकेट को संरक्षक मंडल में शामिल किया गया। इसी के साथ रामपाल शर्मा को फिर गीता ज्ञान संस्थानम् का मीडिया प्रभारी बनाया गया। नई कार्यकारिणी वर्ष 2026 में गीता ज्ञान संस्थानम् की ओर से आयोजित कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाएगी।
संरक्षक मंडल में जयनारायण शर्मा के अतिरिक्त सतपाल सिंगला, पवन शर्मा, कुलवंत छाबड़ा एडवोकेट व श्याम लाल आहुजा को शामिल किया गया। संस्थानम् के मार्गदर्शक मंडल में मंगतराम जिंदल, जितेंद्र ढिंगरा व महेंद्र सिंगला को शामिल किया गया है। हंसराज सिंगला को संयोजक और पवन भारद्वाज को सहसंयोजक बनाया गया। चेयरमैन पद की जिम्मेदारी मदन मोहन छाबड़ा को सौंपी गई। उपप्रधान के पद पर गुरदयाल सिंह सुनहेड़ी, धीरज वालिया और जसवंत सैनी को दी गई। नरेश मोंगिया व राजीव गाबा को सोशल मीडिया प्रभारी बनाया गया। पत्रिका प्रमुख केके कौशल को और महासचिव के पद पर अशोक अरोड़ा और संयुक्त सचिव के पद की जिम्मेदारी राजेंद्र सिंगला को दी गई।
कोषाध्यक्ष के पद पर पिंकी जिंदल और दीपक आहुजा को नियुक्त किया गया। भंडारा प्रमुख विजय बवेजा, धर्मपाल, दीपक आहुजा, सलिंद्र सागवाल और सलिंद्र शर्मा को बनाया गया। युवा व्यवस्था प्रमुख की टीम में रविंद्र कुमार, अंकित सिंगला, भारत भारद्वाज, आशीष मित्तल और कपिल को शामिल किया गया। सूचना प्रमुख दीपक आहुजा और देवेंद्र शर्मा को बनाया गया। शिक्षा प्रमुख की टीम में ऋषिपाल प्राचार्य, नरेश मोंगिया व राजीव गाबा को शामिल किया गया। संकीर्तन मंडल प्रमुख में सुनील वत्स को बनाया गया, उनके साथ सहयोगी के रूप में नवीन व अनिल शर्मा को शामिल किया गया। चिकित्सा प्रमुख की टीम में डॉ. श्याम लाल, राजीव अत्री व सुरेश को शामिल किया गया। स्वामी ज्ञानानंद ने नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि नई कार्यकारिणी नव वर्ष में आयोजित कार्यक्रमों को जिम्मेदारी के साथ निभाएगी। उन्होंने कहा कि नव वर्ष में गोसेवा और गीता प्रचार को और व्यापक किया जाएगा। गीता मनीषी ने नई कार्यकारिणी कार्यक्रमों की सफलता में अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने की आशा व्यक्त की।
कुरुक्षेत्र। गीता ज्ञान संस्थानम् में आयोजित बैठक को संबोधित करते स्वामी ज्ञानानंद। संस्थान