सरकारी एजेंसियों की ओर से पिछले चार दिन से धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद नहीं होने से जहां किसानों व आढ़तियों में सरकार के प्रति भारी रोष है, वहीं अनाजमंडी धान से अटी पड़ी है। लाडवा नई अनाजमंडी में पिछले चार दिनों से परमल धान की सरकारी खरीद नहीं हुई है। सरकारी एजेंसियों ने बिना कोई कारण बताए अचानक खरीद बंद कर दी है, जबकि किसानों के खेतों में अभी भी 25 फीसदी परमल धान की फसल खड़ी हुई है। सरकारी एजैंसियों द्वारा खरीद न किए जाने से परेशान अनाजमंडी के आढ़तियों ने मंडी प्रधान बिमलेश गर्ग की अध्यक्षता में मंगलवार शाम एक आपात बैठक बुलाई, जिसमें जिला प्रशासन से सीधी बात करके आगामी रणनीति बनाने का फैसला लिया गया।
मंडी प्रधान बिमलेश गर्ग ने कहा कि खरीद न होने से मंडी के आढ़तियों व किसानों में सरकार के प्रति भारी रोष बना हुआ हैं। उन्होंने कहा कि इस समय धान का सीजन अपने पूरे जोर पर है और सारी मंडी धान की खरीद न होने के कारण धान से भरी पड़ी हैं। उन्होंने कहा कि धान की सरकारी खरीद को लेकर लाडवा के एसडीएम अनिल यादव से आढ़तियों की एक विशेष बैठक 23 अक्तूबर को होगी। बताया कि बैठक के बाद प्रशासन के रुख को देखकर ही आगामी रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई उचित समाधान नहीं निकला तो मंडी के आढ़तियों को कोई भी सख्त कदम लेने पर विवश होना पड़ेगा। जब तक प्रशासन के साथ इस समस्या का समाधान नहीं निकलता तब तक कोई भी आढ़ती परमल धान की खरीद-फरोख्त नहीं करेगा और इसका उल्लंघन करने वाली आढ़ती पर 11 हजार रुपये बतौर जुर्माना लगाया जाएगा। इस अवसर पर मोहन लाल गर्ग, रोशन लाल गोयल, सोहन लाल, बलवंत सिंह, शिव कुमार कांबोज, सुरेश कांबोज, श्याम सुंदर, बलदेव राठी, हरिंद्र सिंगला, आनंद सिंगल, ब्रह्मसरूप व रमेश आजाद सहित अनेक आढ़ती उपस्थित रहे।