जिले की आठ अनाज मंडियों में पिछले छह दिन से सरकारी खरीद बंद है। सरकारी एजेंसियों द्वारा धान की खरीद न किए जानेे से गुस्साए किसानों और आढ़तियों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान किसान व आढ़ती सड़क पर दरियां बिछाकर बैठ गए। उन्होंने सीएम और दुष्यंत और सीएम मनोहर लाल के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया और कुरुक्षेत्र-सहारनपुर मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। चार घंटे लगे जाम से सड़क के दोनों ओर कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गई। किसानों का धरना साढ़े दस बजे शुरू हुआ और दोपहर बाद सवा दो बजे तक चला। जाम की सूचना मिलने पर लाडवा थाना प्रभारी ओमप्रकाश पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उनके लाख समझाने पर भी किसान व आढ़ती नहीं माने। वहीं प्रशासनिक अधिकारी दों घंटे बीत जाने के बाद मौके पर पहुंचे। जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक नरेंद्र सहरावत मौके पर पंहुकर किसानों और आढतियों को धान खरीद जल्दी शुरू कराने का आश्वासन दिया। किसान व आढ़ती धान की खरीद शुरू होने तक धरना व जाम लगाए रखने पर अडे़ रहे, जिस कारण धरना प्रदर्शन चार घंटे से अधिक समय तक चला।
धान की खरीद न होने से गुस्साए किसान व आढ़ती शुक्रवार को लाडवा अनाजमंडी में इकट्ठा हुए। वहां से वे भाजपा-जजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कुरुक्षेत्र-सहारनपुर मार्ग पर स्थित लाडवा अनाजमंडी के गेट नंबर एक पर पंहुचे और यहां सड़क पर धरना दे दिया। इससे पहले किसानों व आढ़तियों ने अनाजमंडी के सभी गेटों पर ताला जड़ दिया।
अनाजमंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान बिमलेश गर्ग ने कहा कि मंडी में हजारों क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है, लेकिन सरकारी खरीद एजेंसियां धान खरीदने को तैयार नही हैं। उन्होंने कहा कि 26 अक्तूबर के बाद मंडी में धान नही खरीदा गया है। एसडीएम सहित अनेक प्रशासनिक अधिकारियों व खरीद एजेंसी के अधिकारियों से कई बार बात की है, लेकिन बार-बार झूठे आश्वासन दिए जाते रहे, जिससे मजबूर होकर किसानों व आढ़तियों को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस दौरान जजपा नेत्री डॉ. संतोष दहिया मौके पर पहुंची, लेकिन उन्हें देखते ही किसानों ने दुष्यंत चौटाला मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। डॉ. संतोष दहिया ने धरना दे रहे किसानों व आढ़तियों को आश्वासन दिया कि वे उनकी समस्या का समाधान कराने ही यहां आई हैं, जिसके बाद किसान शांत हुए। डॉ. संतोष दहिया ने फोन करके पार्टी नेताओं व उच्चाधिकारियों को हालात की जानकारी दी जिसके बाद ही जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक नरेद्र सहरावत धरनास्थल पर पंहुचे। जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक के आश्वासन के बाद भी जब किसान व आढ़ती धरना समाप्त करने को राजी नही हुए तो करीब डेढ़ बजे एसडीएम लाडवा अनिल यादव मौके पर पंहुचे और आढ़तियों-किसानों को मनाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि धान की खरीद शनिवार सुबह दस बजे तक शुरू कर दी जाएगी, जिसके लिए जिला खाद्य आपूर्ति विभाग व मार्केट कमेटी लाडवा गेटपास काटने के लिए शुक्रवार से ही तैयारी करेगी। इसके बाद जजपा नेत्री डा. संतोष दहिया ने एसडीएम अनिल यादव व जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक नरेंद्र सहरावत से बातचीत के आधार पर मंडी प्रधान बिमलेश गर्ग को धरना खत्म करने के लिए तैयार किया। इस अवसर पर हरियाणा स्टेट कच्चा आढती एसोसिएशन के प्रधान अशोक गुप्ता, रोशन लाल गोयल, मोहन लाल गर्ग, सोहन लाल, जसबीर सिंह , मनदीप सिंह, बलवंत सिंह, शिव कुमार कंबोज, रमेश बंसल, बालकिशन गर्ग, जोनी भालड, स्वीटी भुल्लर, संदीप मदान, प्रदीप जैनपुर, जगदीश कुमार, प्रेम सिंह धानोखेडी, सतनाम सिंह चट्ठा, राकेश खुराना, संजय बंसल, नीतिन, पूर्ण चंद बडशामी, सुभाष चंद , अजैब सिंह, पवन बडौंदी, जसमेर सिंह, सुरेंद्र सिंह, साहब सिंह, धर्मपाल सहित अनेक आढती व किसान उपस्थित रहे।
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जाम में घटों फंसे रहे हजारों वाहन
किसानों व आढ़तियों द्वारा लगाए गए जाम में हजारों वाहन चार घंटे तक फंसे रहे। जाम के कारण लाडवा से बडशामी व गांव सौंटी तक वाहनों की कतारें लग गई। वहीं करनाल रोड पर भी गांव बडौंदी तक वाहन जाम में फंसे रहे। पुलिस ने कार व अन्य छोटे वाहनों को संपर्क मार्गों से निकाला। जाम में फंसी एक एंबुलेंस व बाइक-स्कूटी सवार महिलाओं को आढ़तियों ने रास्ता बनाकर जाम से निकाला।
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थाना प्रभारी द्वारा केस बनाने की बात पर भड़के किसान व आढ़ती
किसान व आढ़ती जब साढे़ दस बजे मुख्यमार्ग पर दरी बिछाकर धरना देने लगे तो थाना प्रभारी ने उन्हें सड़क जाम करने पर केस बनाने की चेतावनी दी, जिससे वे भड़क गए और स्थिति बिगड़ गई। किसान व आढ़ती सरकार व पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।