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गणतंत्र दिवस केवल समारोह नहीं, कृतज्ञता का पर्व : प्रो. सचदेवा

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कुरुक्षेत्र। एनसीसी कैडेट्स की सलामी लेते कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा। स्वयं
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने बतौर मुख्यातिथि तिरंगा फहराया और एनसीसी कैडेट परेड की सलामी ली। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक औपचारिक समारोह नहीं बल्कि अमर शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों और संविधान निर्माताओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन अवसर है जिनके संघर्षों से हमें स्वतंत्र और संप्रभु भारत मिला।
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कुलपति ने कहा कि 26 जनवरी 1930 को रावी नदी के तट पर पूर्ण स्वराज का जो सपना देखा गया था, वह 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के साथ साकार हुआ। उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि संविधान हमें न केवल मौलिक अधिकार देता है बल्कि न्यायपूर्ण और समावेशी समाज की दिशा भी दिखाता है। इस अवसर पर संगीत व नृत्य विभाग, आईआईएचएस और यूनिवर्सिटी सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल के विद्यार्थियों ने देशभक्ति व सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।

प्रो. सचदेवा ने कहा कि आज भारत वैश्विक मंच पर एक उभरती महाशक्ति है। देश की अर्थव्यवस्था चार ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर चुकी है और जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। विज्ञान, तकनीक, अंतरिक्ष और रक्षा के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को भारतीय सेना की रणनीतिक दक्षता और साहस का प्रतीक बताया। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक आधुनिक प्रयोगशाला की तरह कार्य कर रहा है। विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सबसे पहले लागू करने का कीर्तिमान बनाया। इसके लिए विवि को प्लैटिनम अवार्ड मिला। इस मौके पर कुलसचिव प्रो. वीरेंद्र पाल, डीन प्रो. राकेश कुमार सहित शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी मौजूद रहे।

कुरुक्षेत्र। एनसीसी कैडेट्स की सलामी लेते कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा। स्वयं

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