एएसआई पर पगड़ी उतार बेइज्जत करने का आरोप
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प्लाट के एक मामले को लेकर पूछताछ के लिए बुलाए गए दो सिख लोगों की एएसआई पर पगड़ी उतार उन्हें बेइज्जत करने के आरोप लगाए गए हैं। दोनों पीड़ित व्यक्तियों ने इस मामले में दर्जनों लोगों के साथ मिलकर आरोपी पुलिस कर्मी सहित कई अन्य लोगों के खिलाफ एसपी को शिकायत दी। पगड़ी उतार कर अपमान करने के मामले में लोगों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसपी सिमरजीत सिंह ने पूरे मामले की जांच कराने का आश्वासन देकर लोगों को लौटाया।
दबखेड़ी निवासी मंजीत सिंह और सौढ़ी निवासी दीदार सिंह ने एसपी को दी शिकायत में आरोप लगाया कि उनका एक प्लाट को लेकर कैथल व करनाल के कुछ लोगों के साथ विवाद चल रहा है। दोनों ने बताया कि इस मामले की जांच सीआईए के एएसआई सुरेंद्र कुमार कर रहे हैं।
युवकों का आरोप है कि एएसआई ने अन्य आरोपियों की ओर से दी गई झूठी शिकायत पर उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया था। जब वे वहां पहुंचे तो उन्हें लगभग दो घंटे नाजायज तौर पर हिरासत में रखा। साथ ही दुर्व्यवहार करते हुए उनकी पगड़ी भी उतार दी। दोनों ने आरोप लगाए कि प्लाट के मामले में उनके खिलाफ झूठी शिकायत दी गई है और पुलिस आरोपियों के पक्ष में दिखाई दे रही है। उन्होंने एसपी से पूरे मामले की जांच कराने और आरोपी पुलिस अधिकारी और प्लाट मामले में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उधर एसपी ने उन्हें आश्वासन दिया कि मामले की पूरी जांच करवाई जाएगी।
सभी आरोपी निराधार : सुरेंद्र कुमार
एएसआई सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्होंने प्लाट मामले को लेकर जांच के चलते संबंधित तीनों पक्षों को बुलाया था। वह पूछताछ कर ही रहे थे कि आरोप लगा रहे लोगों के पक्ष से एक व्यक्ति उन पर दबाव बनाने लगा। उसे वहां से चले जाने को कहा। इसके बाद तीनों पक्षों से पूछताछ की गई, जिसमें मंजीत व दीदार सिंह की खामियां उजागर हुई। जिसके चलते इनके खिलाफ अब धोखाधड़ी का मामला बनने की संभावना बनी हुई है। इसी से बचने के लिए उन्होंने बेबुनियाद आरोप लगाए है। उन्होंने बताया कि वह मामले की सही जांच कर रहे थे और अपने बचाव में उन्होंने एसपी को शिकायत देकर मुझ पर झूठे आरोप लगाए हैं। मैं पूरे मामले की जांच के लिए तैयार हूं। उन्होंने बताया कि एसपी ने अब इस मामले की जांच एसआई सुभाष राणा को सौंप दी है, जिसमें भी सच्चाई का अपने आप ही खुलासा हो जाएगा।