आकाशवाणी कुरुक्षेत्र केंद्र में अब शैक्षणिक, संस्कृति, बच्चों के लिए मनोरंजक, युवाओं की वार्ताएं और महिलाओं के जागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ गीता के प्रचार-प्रसार पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। कारण यह कि इस केंद्र को रिले केंद्र बनाने को लेकर प्रसार भारती ने पत्र जारी किया है।
कुरुक्षेत्र आकाशवाणी केंद्र में बनने वाले अधिकतर कार्यक्रमों के निर्माण को रोक दिया गया है। खास बात ये भी है कि अन्य कार्यक्रमों के साथ-साथ गीता के संदेशों के प्रसारण को भी बंद कर दिया गया। यानि गीता नगरी में स्थापित इस आकाशवाणी केंद्र से अब गीता का ही संदेश प्रसारित नहीं हो रहा।
बड़ी बात ये भी है कि रिले केंद्र बनने से आकाशवाणी केंद्र से जुड़े लगभग 55 आकस्मिक उद्घोषकों के लिए बेरोजगारी के हालात भी बन गए हैं। फिलहाल इस केंद्र के प्रोग्राम प्रोडक्शन स्टाफ में लगभग चार रेगुलर कर्मी ही सेवाएं दे रहे हैं। इनमें स्टेशन हेड, प्रोग्राम एग्जीक्यूटिव, ड्यूटी ऑफिसर और एक नियमित उद्घोषक शामिल हैं।
गौरतलब है कि प्रसार भारती द्वारा आकाशवाणी कुरुक्षेत्र को रिले केंद्र बनाए जाने के संबंध में पत्र जारी हो चुका है। पत्र के बाद गीता संदेश, बाल सभा, महिला मंच, घरद्वार, युवा वाणी, एक रंग, वार्ताएं, चिकित्सकों की वार्ताएं, लोक संगीत, हरियाणवी सांग, नाटक, संगीत का अखिल भारतीय कार्यक्रम तथा कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के कार्यक्रमों का निर्माण बंद कर दिया गया है। हालांकि विविध भारती के कुछ कार्यक्रम प्रसारित हो रहे हैं।
बता दें कि इस वर्ष हरियाणा प्रदेश स्वर्ण जयंती और आकाशवाणी केंद्र रजत जयंती मनाने जा रहा है। ऐसे में आकाशवाणी कुरुक्षेत्र के कार्यक्रमों को लगभग बंद करने का निर्णय काफी चौंकाने वाला है। रविवार 5 जून से रिले केंद्र का आदेश लागू हो चुका है। ऐसा तब हो रहा है जब प्रधानमंत्री ने कुरुक्षेत्र को विश्व पर्यटन मानचित्र पर लाने की घोषणा की है।
इनको सौंपा जा चुका है ज्ञापन
सूत्रों के अनुसार आकस्मिक उद्घोषक वेलफेयर सोसायटी, करनाल व कुरुक्षेत्र के कलाकारों एवं श्रोताओं ने कुरुक्षेत्र केंद्र को रिले केंद्र न बनाए जाने को लेकर कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल को गुपचुप तरीके से ज्ञापन दिया था। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल डॉ. देवव्रत, इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा तथा थानेसर विधायक सुभाष सुधा को भी बगैर शोर-शराबे के ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन बात नहीं बनी। जानकारी के अनुसार आकाशवाणी केंद्र के कुरुक्षेत्र, करनाल, अंबाला सहित अन्य जिलों के श्रोता तथा आकस्मिक उद्घोषक अपनी मांग पर कार्यवाही न होता देख हड़ताल शुरू कर सकते हैं।
आकाशवाणी कुरुक्षेत्र की शुरुआत और प्रसारण
आकाशवाणी कुरुक्षेत्र केंद्र की स्थापना 24 जून 1991 को हुई थी। 10 किलोवाट के ट्रांसमीटर से सभी कार्यक्रमों का प्रसारण कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, जींद, कैथल, यमुनानगर, अंबाला, पंचकूला के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड तथा उत्तर प्रदेश आदि क्षेत्रों में हो रहा है।
प्रसार भारती का ये कदम निंदनीय : उद्घोषक सोसायटी
आकस्मिक उद्घोषक वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष रविंद्र एकांत ने कहा कि ये कदम न केवल आकस्मिक उद्घोषकों, अपितु उत्तरी हरियाणा के श्रोताओं से कुठाराघात है। वहीं हरियाणा श्रोता संघ के अध्यक्ष विजेंद्र जैजान का कहना है कि इस केंद्र में स्थानीय कार्यक्रमों को तवज्जो दी जाए। ऐसा न होने से श्रोताओं और केंद्र से जुड़े कलाकारों में रोष बढ़ रहा है। इसके अतिरिक्त अन्य आकस्मिक उद्घोषकों महेश शर्मा, नवीन भारद्वाज, प्रदीप रोहिला, पुरुषोत्तम, अशोक, दीप्ति, अनुराधा, कंचन, तमन्ना, शिवानी, इंदू व आरती आदि के अनुसार प्रसार भारती का यह रवैया निंदा योग्य है। ये सीधा गीता और हरियाणवी संस्कृति पर दबाव बनाने जैसा है। सरकार से अनुरोध है कि भगवान श्रीकृष्ण की कर्मस्थली को प्रसार भारती की मार से बचाया जाए। उन्होंने मांग की है कि इस कुरुक्षेत्र आकाशवाणी केंद्र को रिले केंद्र न बनने दिया जाए। श्रोताओं को सही दिशा दे रहे इस केंद्र की रक्षा के लिए राज्य सरकार को पहल करने की जरूरत है।
पूर्व प्रधानमंत्री ने गीता ज्ञान फैलाने के लिए कराई थी स्थापना : सिन्हा
नगर सुधार कमेटी के एकमात्र जीवित सदस्य डॉ. हिम्मत सिंह सिन्हा ने कहा कि कमेटी के तहत पूर्व प्रधानमंत्री गुलजारी लाल नंदा, स्वतंत्रता सेनानी डॉ. शांति स्वरूप, भानू राम तथा देवी दयाल नन्हा आदि ने कुरुक्षेत्र एवं गीता को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लाने के लिए बड़े प्रयासों से यहां आकाशवाणी कुरुक्षेत्र केंद्र की स्थापना कराई थी। उन्होंने कहा बड़े दुख की बात है कि प्रसार भारती का आधिकारिक अमला गीता ज्ञान फैला रहे इस आकाशवाणी केंद्र को रिले केंद्र बनाने में लगा है, जोकि अनुचित है। इसके पीछे आखिर राजनीतिक या फिर कोई अन्य कारण है, जानने का प्रयास करेंगे।
उच्चाधिकारियों ने भेजा पत्र, गीता संदेश बंद : बाली
कुरुक्षेत्र आकाशवाणी केंद्र के प्रभारी संजय बाली ने बताया कि कुछ समय के लिए कार्यक्रमों में परिवर्तन किया गया है। फिलहाल कुरुक्षेत्र आकाशवाणी केंद्र को पूरी तरह रिले केंद्र नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि गीता से संबंधित प्रसारण अभी बंद है। इसके लिए प्रसार भारती के उच्चाधिकारियों की तरफ से हाल ही में पांच जून को उन्हें पत्र प्राप्त हुआ है।