कुरुक्षेत्र। शनिवार सुबह जैसे ही रविंद्र (26) का शव उनके पैतृक गांव बहादुरपुरा में पहुंचा तो माहौल गमगीन हो गया। 10 दिन बाद नीदरलैंड से लाए गए रविंद्र के शव को देखकर उसकी मां तेजो देवी बिलख-बिलख कर रोने लगी। अन्य महिलाओं ने उनको हौसला देने का प्रयास किया। वहीं उसके पिता फूल सिंह का भी रो-रोकर बुरा हाल था। फूल सिंह रोते हुए एक ही बात कह रहा था कि काश यूक्रेन युद्ध के समय मेरा बेटा नीदरलैंड की बजाय घर लौट आता। रविंद्र को अंतिम विदाई देने के लिए आसपास के गांव के लोग भी पहुंचे थे।
रविंद्र के पिता फूल सिंह, ताऊ सोहन लाल, जीजा राजन कुमार और गांव के सरपंच राजेश कुमार दिल्ली एयरपोर्ट पर शव लेने गए थे। वहां से रविंद्र का शव शनिवार की सुबह करीब नौ बजे गांव लाया गया। यहां पहले ही रिश्तेदार और ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार की तैयारी कर रखी थी। बड़े भाई रवि ने रविंद्र का अंतिम संस्कार किया। इसे देखकर वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गई। इस दौरान रिश्तेदार और गांव के लोग रविंद्र के दोस्त खासकर दीपक और पाकिस्तानी नवेद का शुक्रिया अदा कर रहे थे। उनकी बदौलत ही रविंद्र का शव उसके गांव तक पहुंचा।
बता दें दो साल पहले 21 सितंबर 2021 को रविंद्र लैंग्वेज कोर्स करने के लिए यूक्रेन गया था, मगर अगले ही साल यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद रविंद्र किसी तरह नीदरलैंड पहुंच गया था। यहां रविंद्र राजधानी एम्स्टर्डम हवे में एक कूरियर कंपनी में काम करता था। चार अगस्त को रविंद्र गाड़ी पलटने से हुए हादसे में जख्मी हो गया था। कुछ दिन के उपचार के बाद रविंद्र ठीक होकर काम पर लौट गया था, मगर 17 अगस्त को उसकी मौत की सूचना परिजनों को मिली थी। तभी से परिजन उसके शव की प्रतीक्षा कर रहे थे।
फूल सिंह ने रोते हुए बताया कि उसका मन अभी भी मानने को तैयार नहीं है कि उसका बेटा उनको छोड़कर चला गया है। उसे तो यही लग रहा है कि अभी वह उठकर उससे बात करेगा। वह उनसे मिलने के लिए ही गांव आया है, मगर वह उनके अरमानों को आंसू के भंवर में डुबोकर चला गया। इस बात का उनको हमेशा पछतावा रहेगा कि उसके बेटे के अंतिम समय में वह उसके साथ नहीं थे। वहीं उसके दोस्तों का आभार व्यक्त किया उन्होंने आखिरी बार उसके बेटे को देखने का अवसर दिया।
राखी भेजने की कर रही थी तैयारी
रविंद्र की बहन सोनिया उसे राखी भेजने की तैयारी कर रही थी, मगर उससे पहले ही रविंद्र की गाड़ी पलटने से जख्मी हो गया था। ठीक होने के बाद उसने बातचीत कर रविंद्र से राखी भेजने के लिए उसका सही पता मालूम किया था, मगर उससे पहले वह उसे राखी भेजती उसकी मौत का संदेश आ गया। परिवार के लोग सोनिया के रिश्ता देख रहे थे। उन्होंने यह सोचा था कि रविंद्र के आने के बाद उसका रिश्ता तय करके दोनों भाई-बहन की शादी एक साथ कर देंगे।
आठ सप्ताह बाद आएगी पोस्टमार्टम की रिपोर्ट
रवि ने बताया कि अभी रविंद्र की पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली है। आठ सप्ताह के बाद उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आएगी। तब उसका दोस्त नवेद उस रिपोर्ट को ई-मेल से उनके पास भेज देगा। उनको रिपोर्ट का इंतजार है ताकि उसके भाई की मृत्यु के कारण उजागर हो सके।
कुरुक्षेत्र। अपने परिवार के साथ रविंद्र। फाइल फोटो