कुरुक्षेत्र। हरियाणा की लोकसंस्कृति को सहेजने में लगा कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का रत्नावली महोत्सव अब प्रदेश की पाक कला के साथ-साथ लोक कलाओं को भी जीवंत व संरक्षित करने में वरदान साबित होगा। 38वें पायदान पर पहुंचे महोत्सव में प्रदेश की लोक कलाओं का खास आकर्षण दिखाई देगा जिसमें फूल झड़ी से लेकर सांझी कला, चित्रण, बोया बनाने जैसी कलाएं भी शामिल होंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन इस दिशा में तैयारियों में लगा है।
28 से 31 अक्तूबर तक आयोजित होने जा रहे चार दिवसीय रत्नावली महोत्सव में करीब 3500 कलाकार और विद्यार्थी हरियाणवी संस्कृति का धमाल मचाएंगे और प्रदेश के कई प्रख्यात सांगी व अन्य कलाकार भी धूम मचाएंगे। यशपाल शर्मा सहित कई अन्य सितारे भी महोत्सव को चार चांद लगा सकते हैं।
1985 से रत्नावली के रूप में मनाया जा रहा यह महोत्सव हरियाणवी संस्कृति को सहेजने का काम कर रहा है। इसी के चलते ही इसे हरियाणवी संस्कृति का महाकुंभ भी कहा जाने लगा। 2015 में इस उत्सव को विश्वविद्यालय परिसर के धरोहर क्षेत्र में स्थानांतरित किया गया, जहां हरियाणवी खान-पान, परिधान और लोककला को भी जोड़ा गया। हर वर्ष एक नई विधा जुड़ती गई और अब यह महोत्सव हरियाणा की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है। महोत्सव में जहां एक ओर हरियाणवी पाक कला को जीवंत रखने का प्रयास होगा। वहीं दूसरी ओर हरियाणा की हस्तकला, पगड़ी, रसिया ग्रुप डांस के अलग-अलग स्वरूप देखने को मिलेंगे।
युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक डॉ. विवेक चावला का कहना है कि यह महोत्सव हरियाणा की सांस्कृतिक की पहचान बन चुका है। प्रदेश से कलाकार इस महोत्सव में पहुंचेंगे और वहीं इसी बार कई अन्य खास प्रयोजन भी जोड़े जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। हरियाणवी संस्कृति के रंग, लोकसंगीत की गूंज और पारंपरिक परिधानों की झलक एक ही मंच पर देखने को मिलेगी।
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते हरियाणा की दिखेगी तस्वीर
महोत्सव में 50 से ज्यादा स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थी अपनी हस्तकला, पेंटिंग, पारंपरिक परिधान और सजावटी वस्तुएं प्रदर्शित करेंगे। साथ ही हरियाणवी व्यंजन प्रतियोगिता भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।
रत्नावली प्रदेश की पहचान बन चुकी है। युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक डॉ. विवेक चावला का कहना है कि रत्नावली अब सिर्फ एक उत्सव नहीं बल्कि हरियाणा की सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है। तैयारियां जोरों पर हैं और पूरे प्रदेश से कलाकार इसमें भाग लेने आ रहे हैं।