कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय परिसर में इस बार राज्य स्तरीय रत्नावली महोत्सव का आयोजन और भी भव्य होने जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। चार दिन तक चलने वाले इस सांस्कृतिक महाकुंभ में 34 हरियाणवी विधाओं में प्रदेशभर के 3500 से अधिक विद्यार्थी व कलाकार प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
रत्नावली हरियाणा के लोकजीवन, परंपराओं और बोली की आत्मा को करीब से जानने का अवसर देती है। इस आयोजन में हरियाणवी लोक नृत्य, नाटक, सांग, रागिनी, लोकगीत, भजन, हास्य नाटिका, चौपाल, लोकविनोद, पगड़ी बंधाई, हरियाणवी कविता और कोरियोग्राफी जैसी विधाएं शामिल होंगी। इसके अलावा हरियाणवी व्यंजन प्रतियोगिता भी विशेष आकर्षण रहेगी। यही नहीं पद्मश्री महाबीर गुड्डु, सांगी सूरजबेदी, वेद प्रधान, श्यामलाल दांगी, निरंजन राणा, इंद्र सिंह लाडवा जैसे हरियाणवी संस्कृति को बढ़ावा देने में लगे प्रख्यात लोक कलाकार भी समा बांधेंगे।
महोत्सव में दिखेगी आत्मनिर्भरता की झलक
महोत्सव के दौरान 50 से अधिक स्टॉल लगाए जाएंगे जिनमें विद्यार्थियों की ओर से तैयार की गई हस्तकला, पेंटिंग, पारंपरिक परिधान और सजावटी वस्तुओं की प्रदर्शनी होगी। विश्वविद्यालय का कहना है कि इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को हरियाणा की समृद्ध संस्कृति से जोड़ना और लोक धरोहर को जीवंत रखना है।
हरियाणवी सितारों से सजेगा मंच
महोत्सव में हरियाणवी जगत के प्रख्यात कलाकारों यशपाल शर्मा, रणदीप हुड्डा, मेघना मलिक और जगदीप अहलावत को आमंत्रित किया गया है। हालांकि शूटिंग शेड्यूल के चलते अभी उनकी उपस्थिति की पुष्टि नहीं हुई है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राज्यपाल हरियाणा बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे।
रत्नावली बना लोक संस्कृति की पहचान का उत्सव : डॉ विवेक चावला
युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक डॉ. विवेक चावला का कहना है कि रत्नावली अब सिर्फ एक उत्सव नहीं बल्कि हरियाणा की संस्कृति की पहचान के रूप में जाना जाता है। महोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी रत्नावली देखने के लिए प्रदेशभर से हजारों लोग कुरुक्षेत्र पहुंचेंगे। इस उत्सव में हरियाणवी संस्कृति के रंग, लोकसंगीत की गूंज और पारंपरिक परिधानों की झलक एक ही मंच पर देखने को मिलेगी। विश्वविद्यालय का यह प्रयास हर साल सार्थक साबित हो रहा है जिसके जरिये हरियाणवी की संस्कृति व कला को संजोया जा रहा है।