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नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता ने महिला आयोग की सदस्या को सुनाई आपबीती, बोली- उसे नशे का इंजेक्शन लगाकर दिन में 4-5 लोग रोजाना करते थ

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नाबालिग से दुष्कर्म और वेश्यावृति करवाने के मामले में सोमवार को महिला आयोग की समस्या नम्रता गौड़ पीड़ित परिवार से मिलने के लिए पहुंची। इस दौरान दो घंटे से ज्यादा बच्ची और उसके परिजनों के साथ बातचीत चली। बच्ची की पूरी बात सुनने के बाद नम्रता गौड़ ने कहा कि इस मामले की पुलिस जांच में जितनी खामियां देखने को मिल रहीं हैं, उन्होंने पहले कभी नहीं देखी। इस मामले में लापरवाह पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी और बच्ची को इंसाफ दिलाया जाएगा।
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बच्ची ने महिला आयोग की सदस्या नम्रता गौड़ को आपबीती सुनाते हुए बताया कि 27 जनवरी, 2020 को उसका अपनी मां के साथ झगड़ा हो गया था, जिसके बाद वह पास के ही एक फार्म हाउस पर चली गई थी। वहां पर जिनके यहां उसके माता-पिता काम काम करते हैं उनका लड़का, लड़के का साला और उनका एक दोस्त आया। वह उसका मुंह बांधकर और नशे का इंजेक्शन देकर उसे अपने साथ एक होटल में ले गए और वहां उसके साथ तीनों ने दुष्कर्म किया। दुष्कर्म करने के बाद आरोपियों ने एक महिला को बुलाया और मुझे उसको सुपुर्द कर दिया। आरोपी महिला ने उसे वेश्यावृति के धंधे में धकेल दिया। महिला ने पहले कुछ दिन उसे अपने घर रखा और बाद में उसे यूपी लेकर गई, यूपी से लुधियाना और उसके बाद फिर से वापस कुरुक्षेत्र अपने घर पर ले आई। आरोपी महिला के साथ यहां उसका पति, एक युवक और एक युवति जोकि गलत काम करने के लिए रखी हुई थी वह रहती थी। बच्ची ने कहा कि इस दौरान कभी कभी तो हर रोज और कभी कभी एक दिन छोड़कर दिन के अंदर कम से कम चार या पांच लोग उसके साथ दुष्कर्म करते थे। गलत काम करवाने के लिए कई बार उसे नींद की गोलियां खिलाई जाती थीं तो कई बार नशे के इंजेक्शन भी दिए जाते थे। उसने कई बार आरोपी महिला को मना भी किया उससे यह गलत काम नहीं करवाओ।
विरोध करने पर आरोपी महिला ने चुन्नी से उसका गला दबाकर उसे जान से मारने की भी कोशिश की। एक दिन दूसरी युवती ने उससे कहा कि आरोपी इस समय बैठकर शराब पी रहे हैं तेरे पास मौका है, तूं यहां से निकल जा। युवति ने बाहर का कुंडा खोला, जिसके बाद वह वहां से भाग गई। इस दौरान आरोपियों को इस बात का पता चला गया और वह उसके पीछे लग गए। आरोपी महिला ने सोनू नामक व्यक्ति को संपर्क किया, जिसके बाद आरोपी सोनू ने उसे पकड़ लिया और बाद में मुझे अपने साथ ले गया। उसने मेरे गले में हार पहनाकर मांग में सिंदूर लगा दिया, जिसके बाद उसने आरोपी से कहा कि यह कोई शादी नहीं है, तुम्हारी पहले से ही बीवी है। आरोपी सोनू गणेश कॉलोनी में उसे अपने साथ रखने लगा। एक दिन मौका मिलने पर मैने अपनी सारी व्यथा पड़ोसियों को बताई और पुलिस को इस बारे में सूचित करने के लिए कहा, जिसके बाद 19 मई को पुलिस मौके पर आई और उसे वहां से निकाला।
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पुलिस चाल से कछुआ भी चलता है तेज
नम्रता गौड़ ने कहा कि इस मामले में पुलिस ने बहुत बड़ी लापरवाही दिखाई है। मामले को इतने दिन हो गए, लेकिन आज तक न तो नाबालिग को अगवा कर ले जाने वाली कार बरामद हो पाई है और न ही मामले में कुछ और एक्शन लिया गया। नाबालिग लापता होने की एफआईआर 30 जनवरी को दर्ज की गई थी, इस मामले में पुलिस ने काई कार्रवाई नहीं की। 19 मई को नाबालिग मिलती है, अगर इस दौरान नाबालिग के साथ और भी कुछ दुर्घटना हो जाती तो उसका कौन जिम्मेदार होता। नग्रता गौड़ ने कहा कि जब पुलिस बच्ची को लेने आरोपी के घर गई थी तो उस समय पांच कांस्टेबल गए थे, उनके साथ कोई महिला पुलिसकर्मी भी नहीं थी। बच्ची को जो नशे के इंजेक्शन दिए जाते थे, यह इंजेक्शन कहां से लाए किससे लिए उसकी भी पुलिस ने कोई तफ्तीश नहीं की है। पुलिस ने कछुआ चाल चली है, जोकि दयनीय है।
दिनों के हिसाब से लगाएं तो बच्ची के साथ 100 से ज्यादा लोगों ने किया दुष्कर्म: नम्रता
महिला आयोग की सदस्या नम्रता गौड़ ने बच्ची की आपबीती सुन कहा कि जिस प्रकार से बच्ची ने बताया कि उसके साथ रोजाना 4-5 लोग दुष्कर्म किया करने थे। उस हिसाब से बच्ची जितने दिन आरोपियों के चंगुल में रही है उन दिनों के हिसाब से उसके साथ 100 भी ज्यदा लोगों ने दुष्कर्म किया है। नम्रता गौड़ ने कहा कि यह बहुत बड़ी बात है, जिस आरोपी महिला ने बच्ची से वेश्यावृति करवाई उसके साथ बहुत से लोग जुड़े हुए होंगे।
समाज ने की संबंधित डीएसपी और आईओ बदलने की मांग
महिला आयोग की सदस्या को सौंपे ज्ञापन में कश्यप राजपूत सभा द्वारा इस मामले में पुलिस द्वारा बरती लापरवाही को देखते हुए मामले की जांच अन्य जिले के डीएसपी द्वारा करवाने के बारे कहा गया है। सभा के प्रधान ओमपाल कश्यप ने कहा कि दो माह बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। यह मामला गरीब और रसूखदार पैसे वालों के बीच का है। इसलिए हमें डर है कि परिजनों पर केस वापस लेने या बयानों से मुकरने का दबाव बनाया जा सकता है, इसलिए नाबालिग को सुरक्षित स्थान पर रखा जाए। इस मामले लापरवाही बरतने वाले पुलिस जांच अधिकारी व इंस्पेक्टर को बर्खास्त किया जाए। सोशल मीडिया पर बच्ची का नाम व फोटो सार्वजनिक करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
बयान बदलने पर तरावड़ी की दुष्कर्म पीड़िता पर होगी कार्रवाई
तरावड़ी वाले दुष्कर्म मामले में बोलते हुए नम्रता गौड़ ने कहा की उस मामले में पीड़िता के साथ दुष्कर्म हुआ था, जिसके सबूत भी थे। जब वह जांच के लिए वहां गईं तो पीड़ित उनके पास नहीं आई, जिसके बाद पुलिस ने फोन करवाया गया तो पीड़िता वहां उनसे मिलने आई। इस दौरान पीड़िता ने उन्हें अपनी सारी व्यथा बताई और शरीर पड़े निशान भी दिखाए। इस दौरान महिला ने कहा कि उसे न्याय चाहिए। लेकिन कोर्ट में 164 के बयान देते समय वह अपनी बातों से मुकर गई। महिला किसी पर झूठा आरोप लगाती है तो सजा की हकदार है वहीं अगर आरोप सच्चा होने के बाद पीड़िता अपने बयानों से मुकरती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। महिला आयोग अपने बयानों से मुकरने पर तरावड़ी की दुष्कर्म पीड़िता के खिलाफ भी कार्रवाई करेगा।
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