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नाबलिग से सामूहिक दुष्कर्म व वैश्यावृति करवाने का मामला

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एक नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म और वेश्यावृति करवाने का मामले तूल पकड़ता जा रहा है। शनिवार को इंद्री से भाजपा विधायक रामकुमार कश्यप भी पीड़ित परिवार से मुलाकात करने पहुंचे और उनको न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। मामला संज्ञान में आने के बाद राज्य महिला आयोग की सदस्य सोमवार को पीड़िता और उसके परिवार की व्यथा सुनने गांव में पहुंचेगी। विधायक रामकुमार कश्यप ने कहा कि मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाकर जल्द ही मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी करवाकर सलाखों के पीछे भिजवाया जाएगा। इस दौरान मौके पर मौजूद समाज के लोगों व पीड़ित परिवार ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया कि यदि सोमवार तक मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो समाज के लोग बड़े पैमाने पर आंदोलन करने पर मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।
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कश्यप राजपूत सभा के प्रधान ओमपाल कश्यप ने कहा कि पुलिस ने इस मामले में आरोपियों से मिलीभगत करके मुख्य आरोपियों को बचाने का पूरा प्रयास किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की एक अधिकारी पीड़िता के मामले की गहनता से जांच करने की बजाय गांव में जाकर आरोपियों के पक्ष में सबूत जुटाकर उनको मामले से बाहर निकालने का प्रयास करती रही। यदि समय रहते नाबालिग बरामद नहीं होती और मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए 164 के बयानों में मुख्य आरोपियों द्वारा की गई गई हैवानियत और उनके नाम उजागर न करती तो अब तक पुलिस द्वारा मुख्य आरोपियों को पाक साफ साबित कर दिया होता। उन्होंने कहा कि 30 जनवरी को मामला दर्ज होने के बावजूद पुलिस द्वारा नाबालिग की खोजबीन न करना गांव में जाकर मुख्य आरोपियों की तहकीकात कर उनको उनको मामले से बाहर निकालने का प्रयास करना, मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली को सवालों के घेरे में ला रहा है।
बता दें कि गांव से 27 जनवरी सांय को नाबालिग लापता हो गई। जिसमें पुलिस ने 30 जनवरी को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली। बताया जाता है कि रिपोर्ट दर्ज करने के बाद जब पुलिस गांव में पहुंची नाबालिग के माता-पिता ने गांव के ही रसूखदार के बेटों पर उनकी पुत्री को भगाने का आरोप लगाया। लेकिन पुलिस ने मिलीभगत कर मामले की सही ढंग से जांच करने की वजह इस पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। यदि पुलिस द्वारा पकड़ा गया आरोपी नाबालिग को लेकर किराए पर मकान खोजने नहीं जाता तो शायद नाबालिग बरामद नहीं होती और दरिंद्रों की हैवानियत का शिकार होती रहती। जैसे ही नाबालिग को खरीदने वाला युवक एक मकान मालिक के पास किराए पर मकान लेने पहुंचा तो उन्होंने ने शक जाहिर होने पर मामले की जानकारी पुलिस को दी। जिसके कारण पूरे मामले का भंडाफोड़ हो गया।
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