संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। यादव समाज सभा ने शुक्रवार को वीर शहीद दिवस पर यादव धर्मशाला में हवन किया और 1857 ई. के जनांदोलन के महानायक राव तुला राम चौक पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। शहीदों की याद में एक विचार गोष्ठी भी आयोजित की गई। जिसमें यादव समाज सभा जिला प्रधान एवं इतिहासकार डॉ. अतुल यादव ने कहा कि राव तुला राम एक उच्च कोटि के कूटनीतिज्ञ थे तथा उन पर और अधिक शोध की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि वे भारत के पहले क्रांतिकारी थे, जिन्होंने 1857 में असफलता के बाद हौसला बनाए रखा और भारतीय राजाओं का प्रतिनिधि बन अफगानिस्तान पहुंचकर रूस के जार से संपर्क किया। वे रूस के जार से मिलकर विदेशी धरती पर विदेशियों की मदद से भारत से विदेशियों को निकालना चाहते थे। रूस के संग्रहालय में आज राव तुला राम का लिखा पत्र आज भी सुरक्षित रखा है। तुला राम की इसी नीति को बाद में सुभाषचंद्र बोस ने अपनायाृ।
डॉ. यादव ने कहा कि इतिहासकारों ने भी तुलाराम के साथ अन्याय किया है और प्रदेश के स्कूल वो कालेजों के इतिहास के पाठ्यक्रममों में भी तुलाराम नहीं है । उन्होंने कहा कि आज की उपभोक्तादि संस्कृति का दुष्प्रभाव शिक्षा पर भी पड़ा है और आने वाली पीढीयां अपने इतिहास से विमुख हो रही हैं जिसका परिणाम भविष्य को भुगतना पड़ेगा।
यादव समाज सभा ने अपनी धर्मशाला में बिरादरी के वीरों और समाजसेवियों के नाम से पुरस्कार देकर और खंडों का नामकरण कर सराहनीय काम किया है। हरियाणा इतिहास व संस्कृति अकादमी के पुस्तकाल्याधक्ष्य डॉ. सुरेंद्र यादव ने गोष्ठी की अध्यक्षता की।इस अवसर पर यादव समाज सभा के उप प्रधान जगन्नाथ यादव, कोषाधयक्ष राजीव यादव, जगदीश यादव, सोमैई यादव, सुंदर सिंह यादव, लखपत राम, मनीराम, रामप्रसाद आदि अनेक लोगों ने राव तुलाराम को श्रद्धांजलि दी ।