संवाद न्यूज एजेंसी
शाहाबाद। किसानों के जाम के बाद नेशनल हाईवे ने यहां सिंघू बार्डर का रूप ले लिया है। किसानों के साथ प्रशासन की पांच बार हुई वार्ता विफल रही, जिसके बाद किसानों ने हाईवे के बीच ही टेंट लगा लिए, जहां रात को रहने व भोजन सहित अन्य जरूरी व्यवस्था भी कर ली। ऐसे में किसानों को हाईवे से हटाना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है।
जैसे ही किसानों ने रात को देखते हुए टेंट लगाया और दूसरे प्रबंध किए तो बड़ी संख्या में किसानों के बीच पंजाबी व हरियाणावी गायक पहुंच गए और देर रात तक रागिनी व देशभक्ति के गीत प्रस्तुत करते रहे। जिला उपायुक्त शांतनु शर्मा व एसपी सुरेंद्र भौरिया देर रात तक किसानों को मनाने का प्रयास करते रहे, लेकिन अंतिम वार्ता में भी गुरनाम सिंह चढूनी अपनी मांग पर अडिग रहे। मारकंडा पुल से लाडवा चौक तक किसान टोलियां बनाकर बैठे रहे। खाने की व्यवस्था शाहाबाद के बाबा बीर के डेरे से की गई। उल्लेखनीय है कि आज के इस प्रदर्शन में सात जिलों के किसान शामिल हुए ।
बेशक लोगों के लिए जीटी रोड जाम था, लेकिन आर्मी व एंबुलेंस कोरास्ता दिया गया। जाम के दौरान जो भी एंबुलेंस व आर्मी की गाड़ी पहुंची उसी समय किसानों ने प्रदर्शन से उठकर इन गाड़ियों को निकालने का काम किया। उधर किसानों की चेतावनी के चलते तड़के पांच बजे ही करीब दो सौ पुलिस कर्मचारियों ने मोर्चा संभाल लिया था। वहीं किसानों को रोकने के लिए काफी जदोजहद करनी पड़ी, जिस कारण देर सायं पुलिस कर्मचारियों के चेहरे से भी थकावट साफ झलक रही थी।
मोहड़ा, लाडवा रोड पर भी लगाया जाम
शाहाबाद में किसानों के जाम लगाने के बाद पिपली, मोहड़ा, साहा व लाडवा रोड पर भी जाम लगाया गया। ऐसे में वाहन चालकों ने बाजारों से गुजरना शुरू कर दिया तो वहां भी जाम के हालात बन गए।
जीटी रोड पर लगाया गया टैंट व देर रात को भी बड़ी संख्या में मौजूद किसान। संवाद- फोटो : Kurukshetra
हाईवे पर जाम के दौरान देर रात को टोलियां बनाकर बैठे किसान। संवाद- फोटो : Kurukshetra