कानून हाथ में लेने के आरोपियों में कानून की वर्दी पहनने की चाह बढ़ती जा रही है। हरियाणा पुलिस की भर्ती में बुधवार को एक और बंदी ने दौड़ लगाई। पिछले एक माह से हत्या के आरोप में कानूनी सलाखों के पीछे कैद इस अंडरट्रायल बंदी ने पुलिस की निगरानी में दौड़ तो शुरू कर दी, लेकिन पांच किलोमीटर की दौड़ पूरी नहीं कर पाया।
महज दो किलोमीटर तक जाकर चक्कर खाकर गिर गया। दौड़ लगाते लगाते बंदी भाग न जाए इसके लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। यहां तक कि पुलिस का एक अधिकारी लोडेड रिवाल्वर भी लेकर तैयार था। हालांकि चक्कर खाकर गिरने के बाद उसे पुलिसकर्मी मोटर साइकिल पर वापस ले आए। भर्ती प्रक्रिया में अब यह तीसरा ऐसा अभ्यर्थी शामिल हुआ है जो गंभीर आरोपों में जेल में बंद है।
हरियाणा पुलिस की भर्ती प्रक्रिया में बुधवार को करनाल जिले के टापू गांव निवासी अमित पुत्र सुरजीत सिंह ने भी हिस्सा लिया। हालांकि अमित पिछले एक माह से हत्या के आरोप में करनाल जेल में बंद है। अंडरट्रायल होने के कारण कोर्ट की विशेष मंजूरी के बाद अमित को शामिल होने का मौका तो मिला, लेकिन वह इसे भूना नहीं पाया। दो किलोमीटर तक ही दौड़ सका और गिर गया।
सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच दौड़ा कैदी
अमित पर हत्या के मामले में केस चल रहा है। ऐसे में प्रक्रिया के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखी गई थी। उस पर निगरानी रखने के लिए डीएसपी अनूप सिंह, ऋषिपाल, इंस्पेक्टर राजेंद्र उमरी भी मौजूद रहे। इनके अलावा पुलिस विभाग के तीन मोटरसाइकल राइडर और एक जीप भी बंदी के साथ साथ ट्रैक पर मौजूद थी।
बंदी कही मौका देखकर भाग न जाए इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे। यहां तक कि एक पुलिस अधिकारी ने दौड़ पूरी होने से पहले बकायदा अपनी रिवाल्वर में गोलियां भी भरी और दौड़ में उसके साथ साथ चले। अमित को करनाल जेल से लेकर आए सब इंस्पेक्टर किताब सिंह ने बताया कि आरोपी हत्या के आरोप में पिछले एक माह से बंद है और आज इसे कोर्ट के आदेश पर भर्ती में लाया गया था।
अब तक दौड़ तीन एक ही कर पाया पूरी
अमित से पहले दो और विचाराधीन बंदी इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो चुके हैं। लेकिन इन तीनों में से केवल एक ही बंदी दौड़ पूरी कर पाया। अमित और इससे पहले दौड़ा एक बंदी दो किलोमीटर से ज्यादा नहीं दौड़ पाए।