मानसून सीजन में इस बार फिर कालोनियों को जलभराव की स्थिति से जूझना पड़ सकता है। हालात बता रहे हैं कि पानी निकासी के लिए इंतजाम अधूरे हैं, जबकि लोगों को फिर से मानसून सीजन में फिर वही जलभराव की स्थिति से जूझना पड़ेगा। सालों से इन कालोनियों में बरसाती पानी निकासी के लिए कोई खास इंतजाम नहीं किया जा सका है। कुछ ऐसे ही हालात कैंट की हाउसिंग बोर्ड कालोनी के भी हैं।
यह है इन कालोनियों में स्थिति
अंबाला कैंट के बीडी फ्लोर मिल के पीछे करीब दो दर्जन कालोनियां हैं, लेकिन इनमें से अधिकतर कालोनियों में पानी निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। सालों से यह कालोनियां विकसित तो होती रहीं, लेकिन इन में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। यह वे कालोनियां हैं, जिनमें यदि कहीं पर निकासी है, तो वहां पर अवैध कब्जे हैं। यही कारण है कि हर मानसून सीजन में यह स्थिति बन रह है, लेकिन इसकी ओर अभी तक कोई खास ध्यान नहीं दिया गया है।
हाउसिंग बोर्ड एरिया लो लाइन में
कैंट का हाउसिंग बोर्ड एरिया लो-लाइन एरिया में है, जिसके कारण यहां पर भी मानसून सीजन में सड़कों पर पानी भर जाता है। इसी को लेकर एक बार हाईकोर्ट के निर्देशों पर भी हलचल हो चुकी है, जबकि नगर निगम ने क्षेत्र में अवैध कब्जों को भी हटवाया था। लेकिन बाद में स्थिति फिर वही हो गई, जबकि पिछले कई मानसून सीजन के दौरान इस कालोनी में भी जलभराव की स्थिति बनी रहती है। जबकि कुछ घरों में तो पानी तक भर जाता है।
गोविंद नगर एरिया में भी खतरा
कैंट के गोविंद नगर एरिया में भी मानसून सीजन के दौरान करीब एक दर्जन कालोनियों में जबरदस्त जलभराव की स्थिति बन जाती है। यह वे कालोनियां हैं, जिनमें पानी निकासी का बंदोबस्त तो है, लेकिन अवैध कब्जों अथवा नियमित सफाई न होने के कारण इन कालोनियों की सड़कों पर पानी भर जाता है। यही बरसाती पानी लोगों के घरों में भी घुस जाता है। यह स्थिति हर साल लोग झेलते हैं, लेकिन अभी तक कोई राहत नहीं मिल पाई है।
यह कहते हैं लोग
कैंट बीडी फ्लोर मिल के पीछे रहने वाले प्रदीप शर्मा, राम बचन, राजेश लूथरा, मदन लाल, अजय कुमार, गोविंद नगर एरिया के शम्मी, हितेश कुमार, जगदीश लाल, रंजीत सिंह, बनवारी लाल, हाउसिंग बोर्ड के कपिल, राजीव, रंजन का कहना है कि हर मानसून सीजन में जलभराव की स्थिति बनती है। यह सब प्रशासन की जानकारी में भी है, लेकिन हैरानी है कि इसके बावजूद अभी तक राहत के नाम पर सिर्फ आश्वासन दिए जाते हैं। लोगों के घरों तक में पानी घुस जाता है, लेकिन राहत नहीं मिल पाई है।
सफाई का काम चल रहा है
मानसून सीजन से पहले नालों व नालियों की सफाई के लिए काम चल रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं, जबकि इनकी मॉनीटरिंग भी हो रही है। फिलहाल कोशिश यही है कि जलभराव जैसी स्थिति कालोनियों में न हो।- रमेश मल, मेयर, नगर निगम अंबाला