कुरुक्षेत्र। 51 फुट की विराट राखी के साथ पूर्व मंत्री सुभाष सुधा व मंदिर के पुजारी। स्वयं
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कुरुक्षेत्र। प्रदेश के एकमात्र शक्तिपीठ प्राचीन श्री देवीकूप मां भद्रकाली मंदिर में रक्षाबंधन पर्व मनाया गया। इस वर्ष 51 फुट की विराट राखी सनातन के षड्दर्शन की संकल्पना के साथ समर्पित की गई। यह राखी सैकड़ों वर्षों से चली आ रही परंपरा का हिस्सा है।
राखी को भारतीय दर्शन और ज्ञान परंपरा दर्शाने का स्वरूप दिया गया। इसकी मुख्य संकल्पना षड्दर्शन-सनातन की छह दृष्टियां थीं। विशाल राखी के केंद्र में ओम स्थापित किया गया। इसके चारों ओर न्याय, वैशेषिक, सांख्य, योग, पूर्व मीमांसा और वेदांत दर्शन प्रदर्शित किए गए। राखी के विभिन्न हिस्सों में इन दर्शनों की मूल अवधारणाएं सरल भाषा में प्रस्तुत की गईं। इसमें इन छह दर्शनों से जुड़े 12 आचार्यों को भी स्थान मिला। इनमें महर्षि गौतम, कणाद, कपिल, पतंजलि, जैमिनि और बादरायण जैसे प्रमुख आचार्य शामिल थे।
पूर्व मंत्री सुभाष सुधा ने बांधा रक्षा सूत्र
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री सुभाष सुधा मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने श्री देवीकूप पर पूजा-अर्चना और परिक्रमा की। मुख्य पुजारिन शिमला देवी के सानिध्य में मां भद्रकाली को रक्षा सूत्र समर्पित किया गया। मंदिर के हॉल में 51 फुट की राखी का पूजन कर उसे मां भद्रकाली के चरणों में चढ़ाया गया। सुभाष सुधा ने बेटी बचाओ का संदेश भी दिया।