मंगलवार देर शाम अचानक तेज बारिश ने मौसम में एक बार फिर से ठंडक पैदा कर दी। बरसात से किसानों के चेहरे लटक गए हैं। दिनभर ॅठंडी हवाएं चलने से लोग घरों में दुबके रहे। आसमान पर बादल छाए रहे।
इससे पहले रविवार रात को भी तेज बरसात हुई। रात भर रुक-रुक कर हुई बरसात के बाद मंगलवार देर शाम तेज बारिश से अचानक ठंड बढ़ गई है। सारा दिन सूर्य और बादलों में लुका-छिपी का खेल चलता रहा।
किसानों और कृषि विशेषज्ञों की मानें तो तेज बारिश और हवाओं का फसल पर प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिलेगा। इस्माईलाबाद कस्बे में बरसात से गेहूं की फसल को रतुआ नामक बीमारी ने अपनी चपेट में ले लिया है।
किसानों की रातों की नींद उड़ गई है। किसान विष्णुदत्त शर्मा, खजानचंद, गौरव शर्मा, निर्मल सिंह ने बताया कि फसल को बीमारी की चपेट से बचाने के लिए वे कीटनाशक का स्प्रे कर रहे हैं, लेकिन लगातार बदलते मौसम के कारण कीटनाशक का कोई खास असर नहीं हो रहा। किसानों ने बताया कि पीले रतुअ की बीमारी से गेहूं का पौधा पीला पड़ कर सूख जाता है।
कृषि विकास अधिकारी लेखराज शर्मा और डॉ. विनोद कुमार ने भी माना कि कस्बे में कुछ किसानों के खेतों में पीला रतुआ बीमारी की शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने सलाह दी कि किसान उन खेतों में अंधाधुंध कीटनाशक का छिड़काव न करें।
इस बीमारी में टील्ट नामक 200 ग्राम दवाई दो सौ लीटर पानी में मिलाकर एक एकड़ में इसका स्प्रे करें। उन्होंने बताया कि सरकार शीघ्र यह दवा किसानों को सब्सिडी पर उपलब्ध कराएगी।