कुरुक्षेत्र। आखिरकार किसानों को जिसका डर था वही हुआ। पिछले चार दिनों से चल रहे मौसम में उतार-चढ़ाव का असर शनिवार को देखने को मिला। सुबह से ही मौसम ने करवट ली और घने बादल छा गए और सुबह के समय हल्की बारिश होने लगी। इस दौरान तेज हवा भी चली। तेज हवा के चलते खेतों में खड़ी गेहूं की फसल बिछ गई। कुछ समय बाद धूप खिल गई लेकिन दोपहर बाद फिर से मौसम बिगड़ गया और बारिश शुरू हो गई जो देर रात्रि तक जारी रही।
बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव हो गया जिससे राहगीरों को आने जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ा। शनिवार को अधिकतम तापमान 22.1 डिग्री और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री रहा। जबकि रविवार को अधिकतम तापमान 21 डिग्री और न्यूनतम तापमान आठ डिग्री रहने के आसार है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीबी सिंह का कहना है कि जिले में कई जगहों पर तेज हवा के साथ बारिश हुई, जिससे खेतों में खड़ी गेहूं फसल गिर गई है। पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण अभी तीन मार्च तक बादल छाए रहने की संभावना है और तेज हवा का असर भी देखने को मिलेगा। साथ ही पारा गिरने से ठंड का असर भी फिर से बढ़ेगा जबकि रविवार को भी हल्की बारिश होने की संभावना है।
फसल गिरने से किसानों को होगा नुकसान
किसानों का कहना है कि तेज हवा से खेतों में गेहूं की फसल गिरकर बिछ गई है। जिससे गेहूं के उत्पादन पर असर पड़ेगा। फसल गिरने से गेहूं का दाना पतला हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इस समय गेहूं की फसल में दाना विकसित हो रहा है। इस समय तेज हवा और ज्यादा बारिश गेहूं की फसल के लिए नुकसानदायक साबित होगी। इसके साथ ही आलू किसानों को भी नुकसान होगा।
कई क्षेत्रों में हुआ जलभराव
बारिश से गई क्षेत्रों में जलभराव हो गया, जिससे लोगों में आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। निचले हिस्सों में जलभराव होने के कारण राहगीरों को परेशानी हुई। तो कई कॉलाेनियों में भी बारिश का पानी जमा हो गया।