कुरुक्षेत्र शहर में शनिवार को हुई बारिश ने तीन दिन की उमस और गर्मी से राहत दी। तड़के चार बजे से सुबह नौ बजे तेज बारिश और दिनभर रिमझिम बारिश होती रही। कृषि विभाग के डीडीए कर्मचंद के मुताबिक थानेसर ब्लॉक में शाम छह बजे तक 46 एमएम बारिश दर्ज की गई। बरसात से शहर लबालब हो गया और कई कॉलोनियों की गलियों में जलभराव की स्थिति हो गई। जलभराव से कई घंटे तक इन गलियों में आवाजाही नहीं हो पाई। जहां निर्माण कार्य हो रहे थे वहां स्थिति और भी खराब हो गई। मंडी के हालात भी गड़बड़ा गए हैं।
यहां रहा अधिक जलभराव
शहर की कई गलियों में तो घरों के सामने भी जल भराव हो गया। जिससे लोगों को आने जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। केयू सेकेंड गेट, थर्ड गेट, रविदास मंदिर के पास, अंबेडकर चौक, रेलवे रोड, थानेसर रेलवे स्टेशन के पास, पुराने बस अड्डे और नए बस अड्डे के पास, सेक्टर-17 का एलआईसी रोड, पार्किंग, केजल मॉल के सामने, दर्रा खेड़ा, झांसा रोड पर रोटरी चौक, जनता स्कूल के पास, रविदास चौक, सेक्टर-7 की आकाशवाणी कॉलोनी, विधायक निवास से पास, शेख चेहली मकबरे के सामने और मकबरे के पास वाले हिस्से में, पिपली-लाडवा रोड पर लगते गांव सिरसमा, बीड़ मथाना, मथाना, सोंटी, मथाना चौकी, अंटेहड़ी, मुनियारपुर, हरिपुर सहित बोडला, ईशरहेड़ी, कौलापुर, ऊंटसाल, अमीन, बीड़ अमीन आदि जगहों पर जलभराव की स्थिति रही।
आलू प्याज की बड़ी मंडी खस्ताहाल
प्रदेश की आलू प्याज की सबसे बड़ी पिपली अनाज मंडी में भी बारिश से खस्ता हाल हो गई। अनदेखी का शिकार मंडी में हल्की बारिश में ही भारी जलभराव हो रहा है। यहां न तो सीवरेज का प्रबंध है और न ही पानी निकासी के लिए कोई दूसरा माध्यम। जलभराव के कारण सड़कों को तो नुकसान होता ही है बल्कि आढ़तियों की दुकानों के आगे भी हालात बदतर हो जाते हैं। मंडी स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय भी एंट्री गेट के बिल्कुल पास ही है।
जलभराव की समस्या से यहां पहुंचने में भी परेशानी होती है। बावजूद इसके जलनिकासी के लिए कोई व्यवस्था अब तक नहीं हुई है। आढ़ती धर्मपाल, सतीश, महेंद्र का कहना है कि जब अधिकारियों को अपने ही कार्यालय की चिंता नहीं है, दूसरों की चिंता कैसे होगी। फिलहाल तो जैसे-तैसे करके काम चल भी जाएगा, लेकिन यही हालात यदि सीजन में हो जाएं तो जलभराव से पार पाना मुश्किल हो जाएगा।