कुरुक्षेत्र। जिले के कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात हैं। कुरुक्षेत्र की डीडी कॉलोनी, सरस्वती कालोनी ऑवरफ्लो हो चुकी है, जबकि खेड़ी मारकंडा, कीर्ति नगर, झांसा रोड के कुछ इलाकों में जलभराव के की स्थिति से निपटने के लिये उपायुक्त सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने दौरा किया। वहीं थानेसर के विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि बारिश के पानी से प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता मुहैया करवाई जा रही है। उन्होंने बताया किं इस पानी के कारण डीडी कालोनी, खेड़ी मारकंडा, कीर्ति नगर, लायलपुर बस्ती, हरि नगर सहित आसपास के काफी क्षेत्र प्रभावित हुए हैं।
इन सभी क्षेत्रों में पानी निकासी के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं और कीर्ति नगर और लायलपुर बस्ती के लोगों को घर-घर जाकर खाना वितरित किया जा रहा है। विधायक सुभाष सुधा बुधवार को सुबह 6 बजे कीर्ति नगर, लायलपुर बस्ती, खेड़ी मारकंडा और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के उपरांत अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे थे। इससे पहले विधायक सुभाष सुधा और नगर परिषद की अध्यक्षा उमा सुधा ने सुबह के समय करीब 250 घरों के करीब 1 हजार लोगों का नाश्ता घर-घर पहुंचाया। इतना ही नहीं विधायक सुभाष सुधा और नप अध्यक्षा उमा सुधा ने भी स्वयं घर-घर जाकर सुबह का नाश्ता वितरित करने का काम किया। इसके अलावा दोपहर के समय भाजपा के युवा नेता साहिल सुधा ने कीर्ति नगर और लायलपुर बस्ती के लोगों को घर-घर जाकर लंच के पैकेट वितरित किये। विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि लोगों के ठहरने के लिए धर्मशाला, स्कूल और सामुदायिक केन्द्रों में व्यवस्था की गई है। इस बस्ती के कई परिवारों को जाट धर्मशाला, रामगढ़िया गुरुद्वारा साहिब, गांधी नगर के मिडिल स्कूल में आश्रय दिया गया है। लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ देने के लिए कीर्ति नगर में 4 डॉक्टरों की टीम भी नियमित रुप से बैठी है और लोगों को नि:शुल्क दवाइयां भी वितरित की जा रहीं हैं। उन्होंने कहा कि नगर परिषद और प्रशासन के लोग 24 घंटे लोगों की मदद में जुटे है।
जन संपर्क विभाग के कर्मियों ने की पानी से प्रभावित क्षेत्रों में मुनादी
उपायुक्त डॉ. एसएस फुलिया के आदेशानुसार जिला सूचना एवं जन संपर्क विभाग के कर्मचारियों ने देर रात्रि तक खेड़ी मारकंडा की सभी गलियों, डीडी कालोनी, गांधी नगर व लायलपुर बस्ती में मुनादी करके लोगों को सचेत रहने के लिए कहा और प्रशासन द्वारा जारी किए गए कंट्रोल रूम के नंबरों तथा धर्मशालाओं के बारे में जानकारी भी मुहैया करवाई है।
प्रशासन ने जारी किए कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर
उपायुक्त डॉ. एसएस फुलिया के आदेशानुसार उपायुक्त निवास कार्यालय को कंट्रोल रूम के रूप में स्थापित किया है। कोई भी व्यक्ति कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 01744-220271 व 220935 पर संपर्क करके किसी भी प्रकार की सहायता ले सकता है। सूचना मिलने पर प्रशासन द्वारा तुरंत मदद की जाएगी।
तीसरे दिन भी मारकंडा नदी उफान पर, किसानों में भय की स्थिति
अमर उजाला ब्यूरो
इस्माईलाबाद। मारकंडा नदी में तीसरे दिन भी उफान जोरों पर रहा। कई स्थानों पर मारकंडा नदी का पानी ऑवरफ्लो होकर खेतों में घुस गया है। इससे सैकड़ों एकड़ फसल मारकंडा नदी के पानी से जलमग्न हो गई है। खेतों में पहले ही बरसाती पानी जमा था। इसके बाद मारकंडा नदी का पानी आ जाने से खेतों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। हालांकि अभी तक किसी भी जगह से तटबंध टूटने का समाचार नहीं है। फिर भी तटबंधों के ऊपर से पानी गुजरने से किसी भी वक्त तटबंध टूट सकता है। मारकंडा नदी के पानी पर नजर रखने के लिए नहरी विभाग के दावे फेल होते नजर आ रहे है। यदि मारकंडा नदी का तटबंध टूट जाता है तो इससे गांव जलबेहडा, नैसी, मडाडों, शेरगढ़, जैतपुरा, जोधपुर, जंधेडी, बालापुर, दानीपुर, जखवाला आदि दर्जनों गांवों के किसान प्रभावित होंगे। इसके अलावा मारकंडा नदी का ओवर फ्लो हुआ पानी भी इन गांवों की सैकड़ों एकड़ धान की फसल को प्रभावित करेगा। किसान बलदेव शर्मा, सुखा सिंह, निशान सिंह, राजेश, सुरेश सैनी, रेशम गोस्वामी, देशराज शर्मा आदि ने बताया कि मारकंडा नदी के पानी लगभग हर वर्ष किसानों के खेतों में घुसकर आर्थिक नुकसान पहुंचाता आ रहा है। इसके बावजूद भी नहरी विभाग न तो मारकंडा नदी की अच्छे से सफाई करवाता है और न ही तटबंधों को मजबूत करने के लिए कोई कारगर कदम उठाता है। मारकंडा नदी की सफाई न होने से मारकंडा नदी एक संकरे नाले में तब्दील हो चुकी है और थोड़ा सा पानी आने पर ही नदी का पानी कमजोर तटबंधों से ओवर फ्लो हो जाता है। किसानों ने प्रशासन से मांग रखी है कि मारकंडा नदी की सफाई करवाई जाए तथा कमजोर तटबंधों को पक्का किया जाए ताकि किसानों को आर्थिक नुकसान न हो।
वार्ड 4 में मकान की छत ढहने से पशु घायल
लाडवा। लगातार हुई भारी बरसात का असर अभी भी कम होने का नाम नहीं ले रहा है। लाडवा कस्बा में कई जगह जमा बरसाती पानी का तो निकास हो गया है, लेकिन गांवों में हालात नही सुधरे हैं। ज्यादातर गांवों में जोहड़ ओवरफ्लो होने से अभी भी बरसाती पानी घरों तक में घुसा हुआ है। गांवों में लोगों ने चौपालों, धर्मशालाओं व घरों की पहली मंजिलों पर शरण ले रखी है लेकिन पशुओं को पानी में ही बांधना पड़ रहा है। खेतों में धान व गन्ने की फसल में तीन से चार फुट तक पानी भरा हुआ है। गांव बडौंदा, बड़ौंदी, बपदी, भूतमाजरा, मुरादनगर, सौंटी, बीड सौंटी, लौहारा, बणी , बुढ़ा, बन आदि गांवों में लोगों का कहना है कि गांवों में भरा पानी कुछ कम तो हुआ है लेकिन अगर दो बारा बरसात होती है तो हालात पहले से भी बदतर हो सकते हैं। वहीं लाडवा के वार्ड 4 डेरा में बरसात के कारण एक घर में कमरे की छत ढह गई जिससे उसमें बंधे पशुओं को चोट आई है। कमरे में रखा पशुओं का चारा खराब हो गया है। दिहाड़ी मजदूरी करने वाली सोमा देवी ने बताया कि मंगलवार देर शाम उसके कमरे की छत ढह गई जिससे उसे करीब 80 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।
rain water overflow- फोटो : Kurukshetra