यमुनानगर। शहर का ड्रेनेज सिस्टम की उचित व्यवस्था न होने से शहर के लोगों को बार-बार जलभराव का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार तड़के हुई बारिश से एक बार फिर जगाधरी व यमुनानगर में कई जगह जलभराव हो गया। बार-बार हो रहे जलभराव ने नगर निगम अधिकारियों के दावों की पोल खोल कर रख दी है। जगाधरी के मटका चौक से लेकर बर्तन बाजार तक नालों का काला गंदा पानी सड़क पर बह रहा था। सबसे ज्यादा दिक्कत सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों व उनके अभिभावकों को हुई। क्योंकि इसी सड़क से होते हुए मटका चौक के दूसरी तरफ स्कूल थे। सैकड़ों बच्चों के जूते, वर्दी तक इस पानी की वजह से खराब हो गए।
इस दौरान कई लोगों की बाइक व कार पानी के बीच में ही खराब हो गई। जिन्हें टोचन करके बाहर निकाला गया। इसी तरह नगर निगम जगाधरी के कार्यालय के सामने बाजार में भी बारिश का पानी लबालब हो गया। अंबाला मार्ग पर भी सड़क के दोनों तरफ बारिश का पानी भर गया। इसी तरह यमुनानगर में गोबिंदपुरी रोड पर शक्ति नगर व प्रोफेसर कॉलोनी में बारिश का पानी भर गया। लोगों को कई फीट पानी से होकर जाना पड़ा।
सबसे ज्यादा जगाधरी में 54 एमएम बारिश : जिले में मंगलवार रात तीन बजे बारिश शुरू हो गई थी, जो सुबह तक जारी रही। औसतन 29 एमएम बारिश हुई।
सबसे ज्यादा बारिश जगाधरी में 54 एमएम हुई। वहीं व्यासपुर में 29 एमएम, रादौर में 05 एमएम, छछरौली में 30 एमएम, सरस्वतीनगर में 24 एमएम, साढौरा में 12 एमएम, प्रतापनगर में 45 एमएम बारिश हुई। जिले का अधिकतम तापमान 31 डिग्री व न्यूनतम 25 डिग्री दर्ज किया गया।
बारिश की वजह से सुबह 11 बजे तक तो मौसम साफ रहा, लेकिन इसके बाद उमस ने लोगों को परेशान कर दिया। एक दिन पहले तक अधिकतम तापमान 28 डिग्री पर चला गया था, जिसमें अब फिर बढ़ोतरी हो गई है। संवाद