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रैली में सरकार को अल्टीमेटम, सांसद सैनी पर निशाना

Sun, 25 Dec 2016 12:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ कुरुक्षेत्र
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रैली - फोटो : buraeau
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 किसानों का शोषण बंद किया जाए, आरक्षण की समीक्षा कर नए सिरे से इसे सभी जरूरतमंद वर्गों के लिए लागू किया जाए और जाट आरक्षण के दौरान युवाओं पर दर्ज मामले वापस लेकर जेलों में बंद युवाओं को रिहा किया जाए। सरकार ने इन तीनों मांगों पर 22 जनवरी तक कोई कदम नहीं उठाया तो 23 जनवरी को आजाद किसान मिशन जींद से आरपार के आंदोलन का बिगुल फूंकेगा। यह अल्टीमेटम थीम पार्क में आयोजित की गई आजाद किसान रैली के दौरान मिशन की ओर से दिया गया। रैली में मौजूद हजारों लोगों ने हाथ खड़े कर इसका समर्थन भी किया। इस दौरान सांसद रैली पर भी जमकर निशाना साधा गया।  
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सांसद राजकुमार सैनी पर स्याही हमले के आरोपी रहे मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संदीप भारती
ने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान युवाओं पर दर्ज मामले तत्काल रद्द किए जाएं और उन्हें फिर से सामान्य जीवन जीने के लिए मौका दिया जाए। इसके साथ ही जेलों में बंद युवाओं को भी रिहा करवाया जाए। उन्होंने मांग की कि वर्तमान समय में आरक्षण की समीक्षा की जाए और हर वर्ग के जरूरतमंद को इसका फायदा दिया जाए। यही नहीं किसानों का खाद-बीज खरीदने से लेकर मंडियों में अनाज बेचे जाने तक में किया जाने वाला शोषण बंद किया जाए, उनके कर्ज माफ किए जाए व स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने जल्द ही इस संबंध में कार्रवाई शुरू नहीं की तो नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर 23 जनवरी से जींद में बड़े स्तर पर रैली का आयोजन कर आर-पार के संघर्ष का बिगुल फूंक दिया जाएगा। संदीप ने कहा कि जाट समाज को आरक्षण दिलाए जाने के नाम पर कुछ लोग मलाई खाने वाले नेता बन गुमराह कर रहे हैं। वर्तमान हालात में लठ के दम पर आरक्षण नहीं मिल सकता। जब तक आरक्षण की समीक्षा नहीं होगी, तब तक यह संभव नहीं होगा। रैली को करीब दर्जन भर लोगों ने संबोधित किया। इनमेें एक-दो को छोड़ अधिकतर विशेष समाज के लोग ही शामिल रहे। रैली के दौरान सांसद पर स्याही हमले के चारों आरोपी भी जमे रहे।
इस दौरान रैली के बहाने सांसद राजकुमार सैनी पर भी निशाना साधा गया। वक्ताओं ने सैनी पर स्याही हमला करने वाले सभी आरोपियों को क्रांतिकारी बताया। स्याही हमले को सही ठहराते हुए कई वक्ताओं ने सैनी को फिर से चेतावनी भी दे डाली। छारा निवासी चिंटू ने सांसद को 36 बिरादरी तोड़ने वाला बताया तो वहीं विजय सौंगल ने उन्हें उन्हें करारा जवाब देने का आह्वान किया। संदीप चहल ने सांसद पर जाटों को बदनाम करने आरोप लगाया। होशियार प्योदा ने स्याही फेंकने वालों को पांडव बताया। नोदी चीका ने कहा कि कुछ नेताओं को भाईचारा हजम नहीं होता और ऐसे नेता पर स्याही फेंक क्रांतिकारी कार्य किया गया वहीं रंगी राम धमतान ने कहा कि सांसद की यही भाषा रही तो इससे भी बड़ा काम करने से पीछे नहीं हटेंगे। डॉ. संतोष दहिया ने कहा कि सांसद सैनी 36 बिरादरी को तोड़ने का कार्य कर रहे हैं। जो समाज को तोड़ने की बात करते हुए उनको नकार देना होगा और जोड़ने की बात करते हैं उन्हें स्वीकार करना चाहिए।
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चप्पे-चप्पे पर रही पुलिस की निगाहें
रैली के चलते थीम पार्क और आसपास के क्षेत्र में भी पुलिस की निगाहें चप्पे-चप्पे पर टिकी रहीं। रैली में आए लोगों की कड़ी जांच की गई। इसके लिए पुलिस जहां मुख्य गेट पर मेटल डिटेक्टर लगाए हुई थी, वहीं थीम पार्क के आसपास नाकाबंदी भी की गई थी। ऐहतियात के तौर पर तहसीलदार ईश्वर सिंह ड्यूटी मजिस्ट्रेट रहे तो वहीं सिटी थाना, केयू थाना व सदर थाना सहित कई अन्य थाना प्रभारी व अन्य पुलिस भी तैनात रही। जीआरपी भी यहां रेलवे लाइन की सुरक्षा को लेकर सतर्क दिखाई दी।

6 माह से लगे थे सांसद सैनी के पीछे : ढांडा
सांसद सैनी पर स्याही फेंकने के आरोपी रहे हरिकेश ढांडा ने खुलासा किया कि वे छह माह से सांसद के पीछे लगे हुए थे। सांसद पर स्याही फेंक कर हमने अपने समाज को जगाने का कार्य किया है और समाज के लिए कोई भी कुर्बानी देने से पीछे नहीं हटेंगे।
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