कुरुक्षेत्र के जिस रेलवे जंक्शन को हाईटेक सुविधाओं से लैस करने के लिए रेल मंत्रालय दो माह पहले आधारशिला रख चुका है, वहां स्वच्छता मिशन का बंटाधार दिख रहा है। आलम यह है कि रेलवे के वीआईपी गेस्ट हाउस लेकर स्टेशन परिसर में जहां-तहां पड़ी प्लास्टिक की बोतलें, चाय के कप, खाद्य सामग्री, पॉलिथीन, बीड़ी-सिगरेट के टुकड़ों सहित अन्य खाद्य सामग्री सहित गंदगी के ढेर कई जगह दिखाई देते हैं। इन हालात पर अपनी जवाबदेही की बजाय रेलवे के अधिकारी इसका ठीकरा रेल यात्रियों पर फोड़ रहे हैं।
रेलवे अधिकारी का कहना है कि सफाई के पुख्ता प्रबंध हैं। रेलवे जंक्शन पर 15 सफाई कर्मियों की ड्यूटी है, लेकिन रेलयात्री गंदगी फैलाने से बाज नहीं आते। हालांकि रेलवे मंत्रालय ने ऐसे यात्रियों के चालान काटने का प्रावधान भी रखा है। संबंधित अधिकारियों से जब चालान बारे जानकारी मांगी गई तो पता चला कि वहां एक माह में आरपीएफ और टीसी ने सिर्फ 17 चालान काट कर ही अपनी ड्यूटी निभाई है।
गौरतलब है कि कुरुक्षेत्र जंक्शन पर पार्किंग और यार्ड से लेकर वीआईपी (सबोर्डिनेट) रेस्ट हाउस तक खूब गंदगी का आलम है। यही नहीं, प्लेटफार्म नंबर-2,3 और सेक्टर-13 की ओर बनी टिकट खिड़की के पास भी यही हालात हैं। रेलवे अधिकारियों ने मंडलस्तरीय अधिकारियों के आदेशों पर अमल करते हुए स्टेशन परिसर में बीड़ी-सिगरेट पीने और गंदगी फैलाने वालों पर कार्रवाई करने और 200 रुपये जुर्माना करने का बोर्ड भी लगाया है, लेकिन ढील का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रतिदिन 5 हजार और पिछले एक माह में यहां आगमन करने वाले डेढ़ लाख से अधिक यात्रियों में से केवल 18 के आसपास ही चालान हो पाए हैं। इनमें आरपीएफ ने आठ और टीसी ने करीब 10 लोगों पर जुर्माना किया है।
कुछ दिनों में कर चुके हैं 7-8 चालान और जुर्माना: आरपीएफ
रेलवे स्टेशन स्थित आरपीएफ चौकी के कार्यवाहक प्रभारी एएसआई सुनील कुमार ने कहा कि स्टेशन पर गंदगी फैलाने वालों को समय-समय पर हिदायत दी जाती है। इसके अलावा ऐसा करने वालों पर पिछले 15-20 दिन के अंदर करीब 7-8 चालान कर चुके हैं। यही नहीं भविष्य में स्टेशन पर ऐसा न करें, इसके लिए गंदगी फैलाने वालों पर मामले भी दर्ज दर्ज किए गए। साथ ही कोर्ट में पेश करते हुए इन्हें दंडित कराने का काम भी किया। उन्होंने कहा कि स्टेशन पर स्वच्छता बनाए रखना यात्रियों के लिए बेहद जरूरी है। ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी कार्रवाई की जाती रहेगी।
इंक्वायरी और आरपीएफ अधिकारी करते हैं चालान: जीआरपी
जीआरपी थाने के प्रभारी एसएचओ बलबीर सिंह ने कहा कि स्टेशन परिसर में गंदगी फैलाने वालों को रोकने का काम उनका नहीं है। यह जिम्मेदारी इंक्वायरी और आरपीएफ अधिकारियों की है। उन्होंने बताया कि उक्त अधिकारियों को चालान बुक मिली हुई, जबकि जीआरपी के पास यह नहीं है। फिर भी वे अपने स्तर पर गंदगी फैलाने वालों को रोकने का प्रयास जरूर करते रहते हैं।
रोजाना 4 हजार टिकटों से होती ढाई लाख की कमाई
रेलवे अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक यहां प्लेटफार्म नंबर-1 पर बनी 2 विंडो और सेक्टर-13 की ओर की विंडो पर रोजाना जनरल की 4 हजार के आसपास टिकट बिकते हैं। इनसे रेलवे को करीब ढाई लाख रुपये की कमाई होती है। वहीं रिजर्वेशन खिड़की पर लगभग 100 टिकट बिकते हैं। इनसे एक लाख के आसपास रेलवे के खाते में आते हैं। इस लिहाज से देखा जाए तो कुरुक्षेत्र जंक्शन पर ट्रेनों में सवार होने वाले यात्रियों से रेलवे को प्रति माह एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त होती है। लेकिन सफाई व्यवस्था फिर भी यहां चौपट है।
स्वच्छता के प्रति अधिकारी गंभीर नहीं : लोकनाथ
कुरुक्षेत्र जीआरपी रेलवे वार्डन एसोसिएशन के सचिव लोकनाथ शर्मा ने कहा कि गंदगी फैलाने वालों पर कार्रवाई करने को लेकर अधिकारी गंभीर नहीं हैं। स्टेशन को गंदा करने वालों के साथ अधिकारियों को सख्ती से पेश आना चाहिए। कई बार तो रेलवे वार्डन के सदस्य गंदगी फैलाने वालों को पकड़कर चालान कराते हैं पर स्टेशन को स्वच्छ बनाए रखने के लिए अधिकारियों को इस बाबत गंभीर होते हुए असभ्य लोगों पर ज्यादा से ज्यादा कार्रवाई और जुर्माना करना चाहिए।
लोगों को मानसिकता बदलने की जरूरत : एसएस
कुरुक्षेत्र जंक्शन के एसएस जगमोहन गुप्ता ने कहा कि जब तक लोग सफाई के प्रति जागरूक नहीं होंगे, ऐसी स्थिति आमतौर पर बनी दिखाई देगी। हालांकि ऐसे हालात को बनने से रोकने के लिए टिकट कलेक्टर को निर्देश भी दिए गए हैं और वे समय-समय पर गंदगी फैलाने वालों के चालान करके उन पर जुर्माना भी करते हैं।