जिलाध्यक्षों के कहने पर राहुल गांधी ने तोड़ा वीआईपी कल्चर
कई जिलाध्यक्षों में उस समय मायूसी छा गई थी जब उन्हें पता चला कि राहुल गांधी उनके साथ नहीं बल्कि तीन से चार प्रदेश स्तर के नेताओं के साथ बैठकर ही खाना खाएंगे। हिसार ग्रामीण के जिलाध्यक्ष ब्रिज लाल बहबलपुरिया ने राहुल गांधी के समक्ष इस पर आपत्ति जताई। इसके बाद राहुल गांधी ने प्रदेश स्तर के नेताओं के साथ वीआईपी खाना छोड़ जिलाध्यक्षों के साथ खाना खाया। इससे जिलाध्यक्ष गदगद दिखाई दिए।
जिलाध्यक्ष के परिजन बोले- हम राहुल गांधी से मिलकर रह गए हैरान
चरखी दादरी के जिला प्रधान सुशील धानक का परिवार भी राहुल गांधी से मिला जिसमें बॉक्सर बेटी और पार्टी की युवा इकाई की सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर जसबीर, उनकी मां आशा देवी, बहन मिनाक्षी भी शामिल रहीं। उन्होंने बाद में बताया कि राहुल गांधी से इस तरह पहली बार मुलाकात हुई। उन्होंने परिवार के कुशलक्षेम के अलावा विभिन्न क्षेत्रों के बारे में और वर्तमान हालात पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने एसिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में लागू किए गए 35 फीसदी क्राइटेरिया के विरोध में एचपीएससी कार्यालय पंचकुला के समक्ष धरना दे रहे युवाओं की मांग पर पत्र भी सौंपा। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि यह मुद्दा युवाओं के भविष्य से जुड़ा है, जिसे प्रमुखता से उठाया जाएगा।