संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। केयू के हॉस्टल मेस में सर्वेंट चार्ज वापस लेने सहित अन्य मांगों को लेकर छात्र-छात्राओं का आंदोलन दूसरे दिन बुधवार को भी जारी रहा। कड़ी ठंड के बावजूद मंगलवार की पूरी रात प्रदर्शनकारी विद्यार्थी कुलपति कार्यालय के बाहर धरने पर डटे रहे। ऐसे में बुधवार की सुबह ही केयू प्रशासन की ओर से पुलिस बल बुलाया गया, लेकिन इसके बावजूद आंदोलनकारी टस से मस नहीं हुए। देर शाम छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से केयू प्रशासन की वार्ता हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। ऐसे में छात्र-छात्राओं ने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया है।
पिछले करीब चार माह से अपनी मांगों को लेकर छात्र-छात्राएं केयू प्रशासन के खिलाफ सांकेतिक आंदोलन करते रहे। इसके बावजूद जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो मंगलवार को सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया। साथ ही कुलपति कार्यालय के समक्ष धरना शुरू कर दिया। इस पर कुलपति ने छात्रों को वार्ता के लिए बुलाया, लेकिन सहमति नहीं बनी। इसके बाद पूरी रात ठंड में छात्र-छात्राएं कुलपति कार्यालय के बाहर धरने पर डटे रहे। विद्यार्थियों के विरोध को देखते हुए बुधवार को केयू प्रशासन की ओर से पुलिस बल बुलाया गया।
ऐसे में बल प्रयोग की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन शाम तक पुलिस बल की उपस्थिति में विद्यार्थियों का धरना-प्रदर्शन चलता रहा। शाम पांच बजे एक बार फिर केयू प्रशासन की ओर से आंदोलनकारी छात्रों को वार्ता के लिए बुलाया गया, लेकिन एक घंटे से अधिक चली वार्ता में भी कोई नतीजा नहीं निकला। इससे पहले प्रतिनिधिमंडल के तौर पर 10 छात्र पहुंचे तो वहीं केयू रजिस्ट्रार संजीव शर्मा, चीफ वार्डन नीलम ढांडा, निदेश राणा, डीएसडब्यूल अनिल कुमार, डीएसपी नायब सिंह व केयू मुख्य सुरक्षा अधिकारी वार्ता में मौजूद रहे।
केयू प्रशासन ने दिया भरोसा पर नहीं डिगे आंदोलनकारी
मंगलवार को वार्ता के दौरान कुलपति ने भरोसा दिया कि सर्वेंट चार्ज पर जुर्माना नहीं लिया जाएगा। वहीं जो बच्चे आर्थिक तौर पर कमजोर हैं, वे आवेदन देंगे तो यह माफ कर दिया जाएगा। यहीं नहीं इंस्टालमेंट में भी जमा कराने की सुविधा दी जाएगी। माइग्रेशन फीस को लेकर कमेटी बनाई जाएगी, जिसकी रिपोर्ट अनुसार निर्णय लिया जाएगा। ऐसे ही अन्य मांगों को लेकर भरोसा दिया गया। प्रतिनिधिमंडल ने बाहर धरने पर बैठे छात्रों के बीच कुलपति के साथ हुई चर्चा का प्रस्ताव रखा तो इसे अस्वीकार कर दिया गया और रात भर धरना जारी रहा। बुधवार को भी वार्ता में ऐसी ही स्थिति बनी रही, जिसके बाद आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया गया।
बिना छात्र संगठन के ही विद्यार्थी कर रहे आंदोलन
केयू में अक्सर छात्र संगठन ही समस्याओं को उठाते रहे हैं, लेकिन इस बार बिना छात्र संगठन के बैनर के ही आंदोलन चलाया जा रहा है। कड़ी ठंड के बावजूद छात्राएं भी धरने में शामिल हो रही हैं। प्रदर्शनकारियो का कहना है कि केयू प्रशासन अपनी जिद पर अड़ा है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। सर्दी के मौसम में उनका स्वास्थ्य भी बिगड़ सकता है।
छात्र-छात्राओं की यह हैं मुख्य मांगें
- मेस सर्वेंट चार्ज खत्म किया जाए व डाइट का रेट कम हो।
- महीने की मेस की डाइट कम से कम 18 दिन होनी चाहिए।
- हर हॉस्टल में वाईफाई की बेहतर सुविधा दी जाए।
- एडमिशन, माइग्रेशन और रि-अपीयर फीस कम की जाए।
- लाइब्रेरी में सभी पुस्तकें उपलब्ध होनी चाहिए।
- छात्राओं के लिए हॉस्टल लाइब्रेरी की समय अवधि बढ़ाई जाए।
कुलपति कार्यालय के बाहर विद्यार्थियों से बातचीत करते डीएसपी। संवाद- फोटो : Kurukshetra
केयू में कुलपति कार्यालय के बाहर धरना देती छात्राएं।- फोटो : Kurukshetra
कुलपति कार्यालय पर धरने पर बैठने के लिए जाते विद्यार्थी। संवाद- फोटो : Kurukshetra