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मांगों को लेकर सड़कों पर उतरीं आंगनबाड़ी, मिड डे मील और आशा वर्कर्स

Sun, 31 Jan 2016 11:38 PM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
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 इसमें वर्कर्स की मांगें न मानने और समस्याओं पर गहरा रोष व्यक्त किया गया। इसके बाद यह वर्कर्स सांसद राजकुमार सैनी के सेक्टर-3 स्थित निवास पर पहुंचे और नारेबाजी करते हुए निवास का घेराव किया। वर्कर्स ने लगभग डेढ़ घंटे तक सांसद निवास को घेरे रखा। इसके बाद सभी ने सांसद को एक ज्ञापन सौंपा। आंगनबाड़ी एंड हेल्पर यूनियन की राज्य महासचिव शकुंलता और सीटू के जिला सचिव महावीर दहिया ने कहा कि भाजपा सरकार महिला और मजदूर विरोधी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लगातार वादा खिलाफी कर रही है। सरकार ने केंद्रीय बजट में आईसीडीएस के 26 हजार करोड़ रुपये के बजट को केवल आठ हजार कर दिया है। इसके चलते देश के हर बच्चें के भोजन, स्वास्थ्य और शिक्षा के अधिकार को झटका लगा था। इससे बच्चों के साथ इन परियोजनाओं में लगी वर्कर्स और उसके परिवार भी प्रभावित हो रहे हैं। मिड डे मिल के जिला अध्यक्ष लालदेवी, सचिव रोशनी और आंगनबाड़ी और हेल्पर वर्कर्स यूनियन की जिला अध्यक्ष कलावती ने कहा कि चुनाव के समय भाजपा ने उनकी मांगों को पूरा करने का वादा किया था। अब भाजपा सरकार वादे के उलट धीरे-धीरे परियोजना कर्मियों को हटा रही है। कर्मचारी नेताओं ने ऐलान किया कि यदि सरकार ने इन वर्कर्स की मांगों को पूरा नही किया, तो लाखों परियोजनाकर्मी संसद का घेराव करेंगी। प्रदर्शनकारियों को एकेएस के जिला अध्यक्ष संत कुमार, सुरेश गुढ़ा, मूल चंद, सीटू नेता पवन कुमार, ऋषि पाल सहित आशा वर्कर्स कैथल की जिल अध्यक्ष मंजू देवी और कुरुक्षेत्र जिलाध्यक्ष रानी देवी आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए। 
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एमएलए को भी सौंपें ज्ञापन : सैनीप्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लेने बाद सांसद राजकुमार सैनी ने कहा कि वह उनकी आवाज को केंद्र और प्रदेश स्तर पर अवश्य पहुंचाएंगे। वे उनके हकों के लिए अवश्य लड़ेंगे। लेकिन, उन्हें अपने- अपने विधायकों को भी इस संबंध में ज्ञापन सौंपने चाहिए। 
ये हैं मुख्य मांगें आईसीडीएस के बजट को बढ़ाया जाएआईसीडीएस के निजीकरण पर रोक लगाई जाए45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को लागू किया जाएपरियोजनाकर्मियों को स्थाई कर्मचारी का दर्जा प्रदान किया जाएवर्करों को 15 हजार रुपये प्रतिमाह न्यूनतम वेतन दिया जाएसभी वर्करों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाएमिड डे मील के कार्य को किसी भी नाम से ठेके पर न दिया जाएमिड डे मील योजना का विस्तार12वीं कक्षा तक किया जाएसभी वर्करों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के दायरे में लाया जाएराष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को स्थाई कार्यक्रम बनाया जाएराष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को पर्याप्त बजट आवंटित किया जाए
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