कुरुक्षेत्र। जल संरक्षण व जल के महत्व पर धंतौडी के राजकीय स्कूल में वाटर क्वालिटी टेस्टिंग अवेयरनेस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जिला सलाहकार डेलिया बातिश ने कहा कि दूषित पानी से बचने के लिए अपने स्थानीय जल स्रोतों की सुरक्षा और समय-समय पर परीक्षण सुनिश्चित करें। जल गुणवत्ता परीक्षण जन स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, जो बैक्टीरिया, रसायनों (नाइट्रेट, आर्सेनिक, फ्लोराइड) और हानिकारक प्रदूषकों से होने वाली बीमारियों (हैजा, टाइफाइड) से बचाता है।
जिला सलाहकार डेलिया बातिश ने जल संरक्षण व जल के महत्व पर धंतौडी के राजकीय स्कूल में वाटर क्वालिटी टेस्टिंग अवेयरनेस कार्यक्रम में यह जानकारी दी। उपमंडल नंबर चार में विश्व प्लंबर दिवस मनाया गया। इस अवसर पर फिटर हेल्पर ओमप्रकाश, रामेश्वर, अनिल को उपमंडल अभियंता रमेश कुमार ने पुस्तक देकर सम्मानित किया। टीम ने स्कूल और गांव में सुरक्षित पेयजल, जल की गुणवत्ता की मॉनिटरिंग, प्रदूषित जल से होने वाले रोगों, बीमारी का बचाव, जल की गुणवत्ता पैरामीटर्स पर जागरूक किया।
विश्व प्लंबर दिवस को हर साल 11 मार्च को दुनियाभर में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य जन स्वास्थ्य, स्वच्छता और जल संरक्षण में प्लंबिंग की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जागरूकता फैलाना है।
उन्होंने कहा कि इस दिन का उद्देश्य बेहतर स्वास्थ्य, स्वच्छता और जल संरक्षण में अच्छी प्लंबिंग प्रथाओं के महत्व को रेखांकित करना है। कुशल प्लंबिंग और सही स्वच्छता व्यवस्था से बीमारियों को रोका जा सकता है बल्कि बेहतर स्वास्थ्य और आर्थिक समृद्धि भी लाती है। इसके साथ ही 11 मार्च को दुनियाभर में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, सेमिनार और प्लंबरों के लिए विशेष सम्मान समारोह आयोजित किए जाते हैं।