कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग के प्रोफेसर तेजेंद्र शर्मा नीदरलैंड के प्रसिद्ध मास्ट्रिक्ट विश्वविद्यालय में अपना शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे। कुलपति प्रो़ सोमनाथ सचदेवा ने उन्हें इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।
प्रो. तेजेंद्र ने बताया कि छह देशों के वरिष्ठ शोधकर्ताओं की टीम ने जेन जी के बदलते मूल्यों पर शोध किया है। भारत के साथ इस टीम में कोरिया, कोलम्बिया, स्पेन, नीदरलैंड तथा अमेरिका के शोधकर्ताओं ने छह देशों के 540 युवाओं का सर्वेक्षण कर उनमें बदलते मूल्यों को समझा। शोधकर्ताओं ने पाया कि भारत के युवाओं की सोच में भारी बदलाव आया है और वे स्किल तथा अपनी योग्यता पर विश्वास करते हैं। अपने उत्थान के साथ-साथ सामाजिक उत्थान को भी महत्व देते हैं।
दूसरे देशों के युवा अपनी निजी उन्नति को अधिक महत्व देते हैं। हालांकि युवाओं के विचारों में बदलाव भी देखा गया है। विभिन्न देशों के युवाओं की सोच में एक किस्म का एकीकरण भी होता जा रहा है और विभिन्न मूल्यों के प्रति बदलाव के समाज पर व्यापक परिणाम होंगे। इससे पूर्व के युवाओं में अंतरराष्ट्रीय सत्र पर इस प्रकार की एकात्मकता देखने को नहीं मिलती है। प्रो. तेजेंद्र ने बताया कि इन्हीं मानव मूल्यों के कारण भारत एकजुट हो कर एक विकसित राष्ट्र तथा विश्वगुरु बनने की ओर उन्नति कर रहा है। तीन दिवसीय इस प्रतिष्ठित कॉन्फ्रेंस में 40 देशों के 250 शिक्षाविद एवं शोधकर्ता शामिल होंगे।