कुरुक्षेत्र। प्रो. स्मराजीत कर्माकर।
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से 3 अप्रैल को आयोजित गोयल पुरस्कार समारोह में प्रो. स्मराजीत कर्माकर को राजीब गोयल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। उन्हें यह सम्मान संघनित पदार्थ भौतिकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया जा रहा है। वर्तमान में प्रो. स्मराजीत कर्माकर टाटा मौलिक अनुसंधान संस्थान में प्राध्यापक व अधिष्ठाता के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने विश्व भारती विश्वविद्यालय से वर्ष 2001 में भौतिकी में स्नातक प्रथम स्थान के साथ उत्तीर्ण किया। इसके बाद भारतीय विज्ञान संस्थान से वर्ष 2004 में स्नातकोत्तर और 2008 में विद्यावारिधि (पीएचडी) की उपाधि प्राप्त की। इसके अतिरिक्त उन्होंने वाइजमैन विज्ञान संस्थान और रोम के सापिएंजा विश्वविद्यालय में शोधोत्तर अनुसंधान कार्य भी किया। प्रो. कर्माकर के अब तक 90 से अधिक शोधपत्र प्रकाशित हो चुके हैं, जो फिजिकल रिव्यू लेटर्स और नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज की कार्यवाही जैसी प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं। उनका शोध मुख्य रूप से ग्लास संक्रमण, अमोर्फस ठोस पदार्थ और सक्रिय पदार्थ की सूक्ष्म भौतिकी पर केंद्रित है। उन्हें स्वर्ण जयंती फेलोशिप, अलेक्जेंडर वॉन हम्बोल्ट फेलोशिप और जापान सोसायटी फॉर प्रमोशन ऑफ साइंस फेलोशिप जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी प्राप्त हो चुके हैं। हाल ही में उन्हें इंडियन एकेडमी ऑफ साइंसेज का फेलो भी चुना गया है।
पुरस्कार समिति की संयोजक प्रो. अनीता भटनागर के अनुसार, प्रो. कर्माकर का शोध अव्यवस्थित प्रणालियों, धीमी गतिशीलता तथा पदार्थों की सूक्ष्म संरचना को समझने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
कुरुक्षेत्र। प्रो. स्मराजीत कर्माकर।