फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kurukshetra News: अटल टिंकरिंग लैब के लिए प्राचार्यों व शिक्षकों ने लिया प्रशिक्षण

Sun, 19 Jul 2026 03:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। एटीएल का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र देते डीपीसी कृष्ण कु
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, उमरी में चार दिवसीय एटीएल, रोबोटिक्स एवं एस्ट्रोनॉमी लैब विषयक जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शनिवार को संपन्न हो गया। प्रशिक्षण में जिले के 18 अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) युक्त विद्यालयों के प्राचार्यों, एटीएल प्रभारी शिक्षकों तथा पीएम श्री विद्यालयों के प्राचार्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
विज्ञापन


इस अवसर पर मुख्य अतिथि जिला परियोजना समन्वयक कृष्ण कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और नीति आयोग के तहत स्थापित अटल टिंकरिंग लैब, रोबोटिक्स एवं एस्ट्रोनॉमी लैब विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक अपने विद्यालयों में इन प्रयोगशालाओं का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करते हुए विद्यार्थियों को आधुनिक विज्ञान और तकनीक से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. तरसेम कौशिक ने बताया कि 15 से 18 जुलाई तक आयोजित प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को अटल टिंकरिंग लैब की कार्यप्रणाली, रोबोटिक्स किट, माइक्रोकंट्रोलर, सेंसर आधारित प्रोजेक्ट, कोडिंग, 3-डी प्रिंटिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), डिजाइन थिंकिंग तथा एस्ट्रोनॉमी लैब में उपलब्ध उपकरणों के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
विज्ञापन


इस दौरान प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए साथ ही विद्यालयों में नवाचार आधारित गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई संभावनाओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा। संवाद

बॉक्स
जिले को मिली 17 टिंकरिंग लैब, एक पहले से थी मौजूद
इस साल शहर के 17 सरकारी स्कूलों को यह लैब मिली थी, जिसमें एक पहले से ही मौजूद थी। इसलिए इसकी संख्या 18 हो गई थी। इस लैब में बच्चे साइंस, रोबोटिक आदि की तकनीक सीखेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें