कुरुक्षेत्र। गुरु तेग बहादुर के 350 वें शहीदी समागम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 25 नवंबर को प्रस्तावित दौरा धर्मनगरी के साथ-साथ पूरे प्रदेश के लिए बेहद खास रहने वाला है। हालांकि अभी प्रधानमंत्री के इस दौरे को लेकर पीएमओ की ओर से ऐलान नहीं किया गया है लेकिन कार्यक्रम तय मानकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
गीता जन्म स्थली ज्योतिसर में तीर्थ के समीप ही करीब 170 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। किसानों को इसमें फसल बिजाई से रोक दिया गया है तो वहीं यहां कार्यक्रम की रूप रेखा तय की जाने लगी है। इसी जमीन पर करीब 25 एकड़ में मुख्य पंडाल के अलावा तीन हेलीपैड, पार्किंग व अन्य व्यवस्था भी होगी। कार्यक्रम में शहीदी समागम के चलते प्रदेश भर से लाखों की संख्या में संगत व अन्य लोग आने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री इस दौरान प्रदेश को 2500 करोड़ से अधिक की सौगात देंगे।
जहां वे 206 करोड़ के गीता जन्म स्थली ज्योतिसर में ही महाभारत अनुभव केंद्र का लोकार्पण करेंगे तो वहीं अंबाला-शामली एक्सप्रेस वे के अलावा करीब 480 करोड़ के दिल्ली कटरा एक्सप्रेस वे (हरियाणा जोन), करीब 590 करोड़ से भिवानी में तैयार पंडित नेकी राम शर्मा मेडिकल कॉलेज, करीब 840 करोड़ के महेंद्रगढ़ में महर्षि चमन राजकीय महाविद्यालय सहित पिंजौर बाईपास की भी बड़ी सौगात देंगे।
हालांकि अभी कुरुक्षेत्र में दो से तीन अन्य प्रोजेक्ट को भी प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों में शामिल किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान कार्यक्रम कितना भव्य व विशाल होगा इसका अंदाजा इसी से ही लगाया जा सकता है कि पहले इसके लिए करीब 150 एकड़ जमीन चिह्नित की गई थी, लेकिन अब आसपास की करीब 15 एकड़ जमीन भी चिह्नित की गई है। ज्योतिसर व इंदबड़ी गांवों के इन संबंधित किसानों को इस जमीन पर फिलहाल कोई कार्य करने से रोक दिया है। प्रधानमंत्री के आगमन से किसानों की बल्ले बल्ले भी होने वाली है।