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आश्रम की संपत्ति हो सकती हत्या की वजह

Thu, 28 Jan 2016 12:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ कुरुक्षेत्र
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 पुलिस इस मामले में कई बिंदुओं पर काम कर रही है, लेकिन अभी तक किसी भी तरह की कोई बात खुलकर सामने नहीं आई है। हालांकि आश्रम में पहले भी कई बार चोरी हो चुकी है और ऐसे में शक की सुई ऐसे लोगों पर भी जा रही है जो इस आश्रम में संपत्ति पर नजर रखे हुए थे। महंत की हत्या के कारण जहां आसपास के गांवों में शोक की लहर है, वहीं षड दर्शन साधु समाज में भी इस दोहरे हत्याकांड के खिलाफ काफी रोष बना हुआ है।
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महंत की आयु को लेकर संशय
एक ओर जहां पुलिस महंत की आयु करीब 90 वर्ष बता रही हैं वहीं, अनुयायियों का दावा है कि महंत जमनादास की आयु 120 वर्ष के करीब थी। वे नागा समाज के संत थे और काफी बड़े तपस्वी जे। महंत किसी के घर नहीं जाते थे और डेरे से कम ही बाहर निकलते थे। वे कभी किसी महिला की परछाई तक अपने पर नहीं पड़ने देते थे। कोई अनुयायी गांव में उन्हें जिद कर बुलाता भी था तो भी वे अमूमन तो इनकार कर देते थे, यदि जाना पड़ता था दो-तीन वर्ष में एकाध बार ही डेरे से बाहर निकलते थे।

गलत को निकाल दिया था आश्रम से
अनुयायियों का कहना है कि एक बार एक साधु आश्रम में ही रहते थे, लेकिन उनकी किसी गलत बात का महंत जमनादास को पता लग गया था। जिसके बाद उस साधु को भी महंत ने आश्रम से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। इतना ही नहीं महंत के पास यदि कोई रुपये लेकर जाता था तो उसे भी वे बाहर का रास्ता दिखा देते थे। ग्रामीणों का कहना है कि महंत की हत्या से गांव वीरान हो गया है। जब भी कोई काम नहीं बनता था तो उनका आशीर्वाद लेकर वह काम भी बन जाता था। महंत जी को किसी का कोई लालच नहीं था।
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आश्रम की भूमि भी हो सकती है विवाद का कारण
 जिस भूमि में आश्रम बना हुआ है, वह ज्योतिसर गांव की पंचायत की भूमि है। कई बार ग्रामीणों की ओर से यह जमीन महंत के नाम पर करने की बात आई, लेकिन महंत ने इस बात से साफ इनकार कर दिया था। वहीं, चर्चा ये भी है कि कुछ लोगों की नजर इस जमीन पर थी और वे चाहते थे कि यह भूमि किसी तरह उनके नाम हो जाए। ऐसे लोगों पर भी पुलिस निगाहें लगा रही हैं।

पहले भी हो चुकी है आश्रम में चोरी
आश्रम में पहले भी कई बार चोरी हो चुकी है। एक बार तो लाखों रुपये ही आश्रम से चोरी हो गए थे। इस दोहरे हत्याकांड मामले में पुलिस का शक ऐसे लोगों पर भी जा रहा है, लेकिन कोई लाईन अभी नहीं चली है। आश्रम में कई बार चोरी होने के वक्त भी महंत ने कोई विरोध नहीं किया और स्वयं भी कई बार लोगों को भारी धनराशि दे देते थे।

संत समाज में हत्याकांड को लेकर रोष
आश्रम के महंत जमनादास की हत्या को लेकर जिले के संत समाज में काफी रोष बना हुआ है। बुधवार को महंत के अंतिम संस्कार में षड् दर्शन साधु समाज के जिला अध्यक्ष महंत बंसी पुरी जी महाराज की अध्यक्षता में शोक प्रस्ताव पारित किया गया और इस घटना की कड़ी निंदा की गई। साधु समाज ने कहा कि महंत जमनादास काफी बड़े संत थे और उन्होंने केवल इंसानियत की भलाई के लिए ही कार्य किया है। ऐसे में यह हत्याकांड जघन्य है जिसकी संत समाज कड़ी निंदा करता है।

संत समाज ने दी चेतावनी, जल्द करें हत्याकांड का खुलासा
महंत जमनादास के संस्कार में भाग लेने गुहला चीका से आए साधु छविराम दास, कुरुक्षेत्र के विशाल दास, प्रमोद पुरी, पिहोवा के महंत बंसीपुरी, पिहोवा के ही तरुणदास, नरकातारी के रामदास, टटियाना के रामस्वरूप, कैथल के राघव दास समेत अन्य ने रोष जताया है। षड् दर्शन साधु समाज के प्रदेश सचिव तथा गुहला चीका के संत छवि राम दास तथा पिहोवा के महंत बंसीपुरी ने कहा कि संत की हत्या बहुत ही जघन्य अपराध है। उन्होंने हत्यारों को जल्द गिरफ्तार करने और मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस दोहरे हत्याकांड की एक सप्ताह के अंदर जांच नहीं हुई तो साधु समाज प्रदेश तथा केंद्रीय सरकार का दरवाजा खटखटाएगा। जरूरत पड़ी तो सड़कों पर भी उतरने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने सारे मामले की पैरवी के लिए ज्योतिसर गांव, बाबा के अनुयायियों और पांच साधुओं की कमेटी बनाने की घोषणा की। शुक्रवार को बाबा के फूल चुने जाएंगे और उसी दिन प्रशासन के उच्च अधिकारियों से भी मिलेंगे।

सोनिया ने किया था प्रेम विवाह
थाना केयू प्रभारी ने बताया कि सोनिया मूल रूप से थाना झांसा अंतर्गत गांव संतोखपुरा की रहने वाली थी। जब वह करीब 10-11 साल की थी तो उसके पिता बलबीर सिंह ने उसे डेरे में छोड़ दिया था। डेरे में ही अलीगढ़ (यूपी) के गांव अकबरपुर का अमित गो सेवा करता था। अमित और सोनिया में प्रेम हो गया। वर्ष 2014 में दोनों फरार हो गए और उन्होंने प्रेम विवाह कर लिया था। सोनिया ने 26 सितंबर 2015 को बेटे को जन्म दिया। बाद में उसने महंत के पास आना-जाना शुरू कर दिया। अभी हाल ही में वह 9 जनवरी को डेरे में आई थी जबकि उसका पति अमित अलीगढ़ में ही था।

महंत का अंतिम संस्कार डेरे में, बेटी का श्मशान में
पोस्टमार्टम के बाद महंत जमनादास का अंतिम संस्कार बुधवार को सीता राम आश्रम में ही किया गया। इस दौरान षड् दर्शन साधु समाज से कई गणमान्य साधु और महंत, स्थानीय विधायक सुभाष सुधा समेत भारी संख्या में ग्रामीण और अन्य लोग मौजूद रहे। ग्रामीणों ने  सोनिया का अंतिम संस्कार गांव के आश्रम में करने से इनकार कर दिया। साधु समाज और ग्रामीणों का कहना था कि सोनिया विवाहित थी। ऐसे में उसका अंतिम संस्कार या तो उसके परिजन करें या फिर उसका पति। बाद में पुलिस की मौजूदगी में सोनिया का अंतिम संस्कार परिजनों और उसके पति अमित ने परिवार के लोगों के साथ मिलकर स्थाण्वीश्वर महादेव मंदिर के पास श्मशान घाट में किया।

महंत और उनकी गोद ली गई बेटी की हत्या मामले की जांच के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं। युवती से दुराचार हुआ या नहीं, इसके बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। मौके से जुटाए साक्ष्य और अन्य सैंपल टेस्ट के लिए एफएसएल मधुबन भेजे जा रहे हैं। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। इस मामले में अशोक कुमार निवासी ज्योतिसर के बयान पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
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-ओमप्रकाश, एसएचओ, थाना केयूके, कुरुक्षेत्र।
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