संवाद न्यूज एजेंसी
लाडवा। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय युवा एवं सांस्कृतिक विभाग द्वारा इंदिरा गांधी नेशनल कॉलेज लाडवा में चार दिवसीय रत्नावली युवा सांग महोत्सव का आयोजन किया गया है, जिसमें युवा वर्ग, बुजुर्गों व महिलाओं ने सांग का भरपूर आनंद उठाया।
एसडीपीजी कॉलेज पानीपत की टीम ने नल दमयंती के जीवन से संबंधित सांग प्रस्तुत किया, जिसका गांववासियों ने भरपूर आनंद लिया।
समारोह में जिला न्यायालय करनाल के वरिष्ठ अधिवक्ता रमन कुमार बतौर मुख्यातिथि और विशिष्ट अतिथि आईटीबीपी नई दिल्ली की इंस्पेक्टर रोजी रानी पहुंची। कुवि युवा एवं सांस्कृतिक विभाग के निदेशक प्रो. विवेक चावला और विभागीय सदस्य हरविंद्र राणा भी रत्नावली युवा सांग महोत्सव के निरीक्षण के लिए पहुंचे। हरविंद्र राणा ने बम लहरी भोले का एक मधुर भजन गाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। रमन कुमार ने कहा कि सांग हरियाणा का एक लोकप्रिय लोक नृत्य, रंगमंच रूप और कहानी कहने की एक पारंपरिक शैली है। सांग में गीत और संवाद के साथ उपयुक्त नाटकीयता शामिल होती है।
इंस्पेक्टर रोजी रानी ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम करवाने से कॉलेज और क्षेत्र का नाम रोशन होता है। सांग हमारी सांस्कृतिक पहचान है, जिसे सहेजना बहुत जरूरी है। प्राचार्य कुशल पाल ने कहा कि पूर्व समय में जब मनोरंजन के किसी भी प्रकार के साधन नहीं होते थे तो हरियाणवी सांग बहुत प्रचलित थे। धार्मिक कहानियों और लोक कथाओं को 10 या ग्यारह समूह के व्यक्तियों द्वारा दिखाया जाता था तथा जनसमुदाय द्वारा सांग की प्रशंसा की जाती थी व कलाकारों को इनाम दिया जाता था। इस मौके पर गांव बुढा के सरपंच संजय लालर, संदीप, गुरनाम सिंह, रणबीर सिंह, जंगशेर सिंह लालर, विक्रम सिंह सहित शिक्षक, गैर-शिक्षक वर्ग, विद्यार्थी और ग्रामीण मौजूद रहे।