कुरुक्षेत्र। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलते ही धर्मनगरी के बाईपास के लिए जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। प्रशासन ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी है। संबंधित गांवों की भूमि अधिग्रहण के कार्य को जल्द ही शुरू किया जाएगा। इसी के चलते ही पिहोवा, थानेसर की तहसील में संबंधित 29 गांवों की भूमि की खरीद, बिक्री दस्तावेजों के पंजीकरण करने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
इस बारे में संबंधित एसडीएम, डीआरओ, तहसीलदार व नायब तहसीलदारों को आदेश दिया जा चुका है। भूमि के मुआवजे या पुरस्कार का उचित निर्धारण हो, भूमि की कीमतों में कृत्रिम वृद्धि को रोका जा सके।
बाईपास के निर्माण में थानेसर के गांव ईदबड़ी, ज्योतिसर, बारवा, कैंथला खुर्द, किरमच, सुनेहड़ी, ईशाकपुर, सलारपुर, अमीन, खासपुर, जिरबड़ी, उमरी, शादीपुर लाडवा, किशनगढ़, दौलतपुर, मथाना, बीड़ सौंटी, मिर्जापुर, समसपुर, फत्तुपुर, समानी, बोढी, कड़ामी, मुनियारपुर गांव शामिल हैं। पिहोवा तहसील के गांव मुर्तजापुर, बोर सैंदा, गढ़ी रोडान, लोहार माजरा, खानपुर रोडान शामिल है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा का कहना है कि यह बाईपास शहर के हर नागरिक का एक स्वप्न परियोजना था। इस बाईपास के लिए जल्द ही अब भूमि अधिग्रहण का कार्य शुरू होगा। यह बाईपास गांव इंदबड़ी, अमीन, किरमच, मथाना के आसपास से निकलेगा। इस बाईपास की लंबाई 27.9 किलोमीटर होगी।
धर्मनगरी के लिए बाईपास बड़ा परियोजना : उपायुक्त
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने उक्त प्रक्रिया की पुष्टि करते हुए कहा कि बाईपास स्थानीय नागरिकों के लिए एक बहुत बड़ा परियोजना है। इस बाईपास के बनने से यातायात अवरोध, सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगने के साथ-साथ प्रदूषण से भी राहत मिलेगी। इस परियोजना के बनने से कुरुक्षेत्र को आर्थिक रूप से भी मजबूती मिलेगी।