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Kurukshetra News: अस्पतालों तक नहीं पहुंच पा रही गर्भवती महिलाएं, घरों में ही बच्चों का हो रहा जन्म

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कुरुक्षेत्र। लघु सचिवालय के बाहर रोष जताती आशा कर्मी।
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कुरुक्षेत्र। इसे आशाकर्मियों की हड़ताल का असर ही माना जा रहा है कि गर्भवती महिलाओं की अब समय पर देखभाल नहीं हो पा रही। डिलीवरी के दौरान भी उन्हें आशा कर्मी की सेवाएं नहीं मिल पाती। आशा कर्मी हड़ताल पर है और इसी के चलते अभी तक कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें गर्भवती महिलाएं अस्पतालों तक नहीं पहुंच पाई और उन्होंने घरों में ही बच्चों को जन्म दे दिया। दो मामले पटियाला बैंक कॉलोनी, एक मामला अमीन तो एक मामला देवीदासपुरा का बताया जा रहा है। आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन जिला प्रधान पिंकी का कहना है कि आशा कर्मियों के पास गर्भवती महिलाओं की देखभाल को लेकर लगातार कॉल आ रही है, लेकिन वे हड़ताल है और मजबूरी के चलते इन महिलाओं की देखभाल नहीं कर पा रही। ऐसे में अब तक तीन महिलाओं को घरों में ही बच्चे जन्म ले चुके हैं।
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जारी रही आशा कर्मियों की हड़ताल, दिन भर जिला सचिवालय परिसर में की जमकर नारेबाजी

अपनी विभिन्न मांगों के लिए आशा कर्मी शुक्रवार को भी हड़ताल पर रही और जिला सचिवालय में धरना देकर जमकर रोष जताया। सुबह ही आशा कर्मी जिला सचिवालय परिसर में पहुंचने लगी। जिला अध्यक्ष पिंकी के नेतृत्व में आंदोलन चलाया और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि आशा कर्मी 25 दिन से हड़ताल पर बैठी हुई है, लेकिन सरकार को जानबूझकर नजरअंदाज कर आम व गरीब जनता को बुनियादी सुविधाओं से वंचित कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहले ही स्वास्थ्य सुविधाएं चरमराई हुई हैं। पैरामेडिकल व अन्य स्टाफ की भारी कमी है और ऐसे में उन्हें दरकिनार कर हालात और ज्यादा गंभीर किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में सभी जगह टेस्टिंग मशीनों, व अन्य उपकरणों की भी बहुत कमी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा दरकिनार किए जाने से आशा कर्मियों में रोष लगातार बढ़ता जा रहा है और वे हड़ताल मांगें पूरी होने तक खत्म नही करेंगी और अब हड़ताल को 11 सितंबर तक जारी रहेगी। धरने के दौरान सीटू जिला सचिव अनिल कुमार, जिला प्रधान पिंकी, मन्जीत, उषा, कुसुम, सुखविन्दर, राजकुमारी आशा कर्मी मौजूद रही।


पुलिस के जरिए बनाया जा रहा दबाव : उषा
आशा कर्मी उषा ने कहा कि वे अपनी जायज मांगों को लेकर हड़ताल करने को मजबूर है, लेकिन सरकार उनकी सुनवाई नहीं कर रही। मांगें पूरी करना तो दूर उन पर दबाव बनाने के लिए पुलिस को जरिया बनाया जा रहा है। उनके बारे में पुलिस अलग-अलग तरीके से छानबीन कर परेशान कर रही है।
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सरकार जानबूझकर तंग कर रही है : मनजीत
आशा कर्मी मनजीत का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग ने उन पर काम का बोझ बढ़ाया हुआ है और काम के बदले पूरा वेतन भी नही मिलता है। जिससे घर की आजीविका भी नही चल पाती है। ऐसे में वे जायज मांगों को लेकर सड़कों पर आई हुई है। सरकार को जल्द मांगें पूरी करनी चाहिए।

कुरुक्षेत्र। लघु सचिवालय के बाहर रोष जताती आशा कर्मी।

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