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चरमराई व्यवस्था, कोई काम नहीं हुआ यूनिवर्सिटी में

Wed, 03 Aug 2016 12:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र
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वीसी आफिस के बाहर हड़ताल पर बैठे कुंटिया के सदस्य। - फोटो : Amar Ujala
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विभिन्न लंबित मांगों के पूरा नहीं होने के विरोध में केयू के गैरशिक्षक कर्मचारी संघ (कुंटिया) मंगलवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। कुछ दिन पहले एक दिन हड़ताल में ही व्यवस्था चरमराई थी। वैसा ही मंगलवार को भी हुआ। जिसके चलते बाहर से आए विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को खासी परेशानी उठानी पड़ी।
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नाराज कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार और केयू प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और विभागों में तालेबंदी कर दी। जिसके चलते यूनिवर्सिटी में कोई काम नहीं हो सका।  इनसो ने भी कुंटिया को समर्थन दिया और अपनी मांगों को लेकर भी प्रदर्शन किया। व्यवस्था बहाल करने के लिए कुलपति प्रोफेसर केसी शर्मा ने बुधवार से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से काम जरूर लेने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में इन कर्मचारियों के सामने भी इधर कुआं उधर खाई वाली स्थिति हो गई है।

कुंटिया ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को हड़ताल शुरू कर दी। कुंटिया प्रधान रामकुमार गुज्जर ने कहा कि कोई भी  कुंटिया के इतिहास को ना भूले। कुंटिया का एक-एक वर्कर अपने हकों के प्रति सचेत है और प्रशासन से अपनी मांगे मनवाने में सक्षम हैं। सरकार व प्रशासन नकारात्मक सोच का शिकार है और हरियाणा सरकार राज्य के सबसे पुरानी  यूनिवर्सिटी को मिटाने पर तुली हुई है। केयू से संबंधित बीएड और इंजीनियरिंग कालेजों को दूसरी यूनिवर्सिटी से जोड़कर यूनिवर्सिटी की वित्तीय स्थिति को कमजोर किया जा रहा है।  जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
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कुंटिया महासचिव भारत भूषण ने प्रशासन को चेताया कि कर्मचारियों की लंबित मागों जिसमें पुरानी स्टाफ रेशो, एसएफएस कन्फर्मेशन एक साल करने, लाइब्रेरी की सीनियरिटी के हिसाब से प्रमोशन करने, एक्स कैडर का प्रमोशन चैनल, एसएफएस क्लास-3 का प्रमोशन चैनल आदि मांगो पर यदि कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

आज कोई कर्मचारी नहीं पहुंचेगा यूनिवर्सिटी
कुंटिया प्रधान रामकुमार गुज्जर ने सभी कर्मचारियों से कहा कि हरियाणा यूनिवर्सिटी फैडरेशन के आह्वान पर बुधवार  अगस्त को यूनिवर्सिटी में पूर्ण रूप से हड़ताल रहेगी। जिसके चलते बुधवार को कोई भी कर्मचारी यूनिवर्सिटी में नहीं आए। प्रधान ने कहा कि गुरुवार को सभी कर्मचारी सुबह 9 बजे विजय ग्राउंड में एकत्रित होगेें।  जब तक यूनिवर्सिटी प्रशासन कर्मचारियों की सभी जायज मांगों पर रूख साफ नहीं करता तब तक  कुंटिया की हड़ताल जारी रहेगी। इस मौके पर सुनील कक्कड, विजय गौड, कृष्ण पांडे, रामेश्वर सैनी, रामलाल, रविन्द्र तोमर, कैलाश शर्मा, नीलकंठ शर्मा सहित सैकड़ों कर्मचारी मौजूद थे।

भटकते रहे विद्यार्थी
हड़ताल के चलते विद्यार्थियों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। अलग अलग कामों से बाहर से आए विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को खाली हाथ लौटना पड़ा। गांव मुदड़ी जिला कैथल निवासी अंकुश ने बताया कि मेरी बहन रितू केयू से प्राईवेट में बीए कर रही है। यूनिवर्सिटी के पत्र आया है कि फीस जमा नहीं हुई, लेकिन फार्म के साथ फीस भी जमा करवाई थी। इसे ठीक करवाने के लिए केयू में आया था, लेकिन हड़ताल के कारण वापस लौटना पड़ रहा है। इसी तरह कैथल निवासी राम मेहर और मोहित ने बताया कि दोनों सुबह यूनिवर्सिटी आए थे। बीए में रिवैल्युएशन के लिए फार्म भरना था लेकिन हड़ताल होने के कारण काम नहीं हुआ। यहां तक कि यह भी पता चला कि आवेदन की फीस कितनी है। करनाल निवासी दारा सिंह ने बताया कि वे अपने बेटी रितू की बीए की डिग्री बनवाने के लिए आया था।  कुछ दिनों पहले भी इसी काम से केयू में आया था उस दिन भी हड़ताल होने के कारण खाली हाथ ही लौटना पडा था और आज भी काम नहीं हुआ।

विभागों में की तालाबंदी
कर्मचारियों ने  यूनिवर्सिटी के हर विभाग को बंद कर दिया। जिन विभागों में इन दिनों काम का ज्यादा बोझ हैं वहां कर्मचारियों ने ताले लगा दिए। जिससे कोई भी अंदर नहीं जा पाया। यहां तक कि आउटसोर्सिंग कर्मचारी को भी बाहर ही रोक दिया गया। केयू परीक्षा शाखा-1 और 2, डीन भवन, फीस सैक्सन सहित अन्य शाखाओं पर तालांबदी की गई।

छात्र संगठनों ने भी किया जमकर प्रदर्शन
इनसो ने कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया। इसके अलावा अंबेडकरवादी छात्र सभा, एसएफआई और जीबीएसओ ने जीरो फीस की मांग को लेकर केयू प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। सभी छात्र संगठनों ने संयुक्त रूप से कुलपति ऑफिस के बार जमकर नारेबाजी की। छात्र नेताओं ने जीरो फीस व्यवस्था फिर से लागू करने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि यह व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो यूनिवर्सिटी में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। इनसो ने कर्मचारियों के समर्थन में भी प्रदर्शन किया।
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