गांव ईशरहेड़ी में श्रावण मास की सप्तमी को मंदिर में पूरे विधि विधान के साथ शिवलिंग की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इसी के साथ मंदिर में हनुमान, मां दुर्गा, राधा-कृष्ण व शिव वाहन नंदी की प्रतिमा स्थापित की गई। मूर्ति स्थापना से पूर्व गांव में ढोल नगाड़ों के साथ कलश यात्रा निकाली गई। मंदिर में मूर्ति स्थापना के उपलक्ष्य में आज शनिवार को हवन यज्ञ होगा तथा विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। प्रदीप शास्त्री ने बताया भगवान शिव की आराधना करने से कभी अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है। श्रावण से पहले भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते है। श्रावण में ग्रह व कालसर्प दोष से पीड़ित व्यक्ति को भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए। बताया कि कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए कांवड़ मेले में करोड़ों कांवड़ियों द्वारा भाग लेने की संभावना बनी हुई है। जिसको लेकर मेले पर रोक लगाई गई है। डीसी मुकुल कुमार ने कहा कि कांवड़ मेले में भाग लेने से कांवड़ियों के मध्य छह फीट की सामाजिक दूरी का पालन संभव नहीं है। अपील है कि कोविड-19 के मध्यनजर कांवड़ लेने के लिए हरिद्वार जाने से परहेज करें।