विभिन्न किसान संगठनों द्वारा आज शनिवार को तीन कानून रद करने की मांग को लेकर तीन घंटे तक जिलेभर के एनएच 44, एनएच 65, टोल प्लाजा सहित स्टेट हाइवे पर तीन घंटे तक सांकेतिक चक्का जाम किया जाएगा। किसान संगठनों ने चक्का जाम को लेकर पूरी तैयारी कर ली है। उधर, किसानों के चक्के जाम को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। पुलिस प्रशासन ने भी ट्रैफिक डायवर्ट प्लान तैयार कर लिया है ताकि जनता जाम में न फंसे। इसके लिए पुलिस प्रशासन ने जिलेभर में आठ रूट प्लान किए है। इधर, किसानों ने चक्का जाम के दौरान आपातकालीन सेवाओं को रास्ता देने के साथ-साथ सेना की गाड़ियों को भी रास्ता देने का ऐलान किया है। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी ग्रुप) प्रैस प्रवक्ता राकेश बैंस ने बताया कि भाकियू के सदस्य शाहाबाद में रतनगढ़ जीटी रोड, पिपली, लाडवा में लाडवा-यमुनानगर मार्ग, गांव थाना, सैनी माजरा व पंजाब बॉर्डर टयूकर टोल प्लाजा पर चक्का जाम करेंगे। चक्का जाम के दौरान आपाताकालीन सेवाओं को रास्ता दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त सेना की गाड़ियों को भी रास्ता दिया जाएगा। शांतिपूर्ण तरीके से चक्का जाम को अंजाम दिया जाएगा। वहीं किसानों के चक्का जाम को देखते हुए जिलाभर के कई निजी स्कूल भी बंद रहेगे।
भारतीय किसान यूनियन (रजि) प्रदेश महासचिव जसतेज संधू ने बताया कि एनएच 65 पर थाना टोल प्लाजा पर चक्का जाम किया जाएगा। आपातकालीन सेवा जारी रहेगी, जिसके लिए अलग से रास्ता बनाया जाएगा। किसान हाइवे के दोनों ओर ट्रैक्टर-ट्राली लगाकर चक्का जाम करेगे। जाम में फंसने वाले लोगों को खाने-पीने से संबंधित कोई परेशानी नहीं होगी। थाना टोल प्लाजा पर धरनारत किसान जाम में फंसे लोगों को लंगर, पानी चाय की सुविधा उपलब्ध कराएगी, क्योकि जनता को परेशान करना उनका मकसद नहीं है, बल्कि सरकार तक अपनी
महासचिव जसतेज संधू ने बताया कि जिला कुरुक्षेत्र व जिला कैथल के किसान चक्का जाम में हिस्सा लेगे। इसके लिए कई दिन पहले से तैयारियां शुरू की गई थी। करीब 300 गांव की अलग-अलग टोलियां जिला कुरुक्षेत्र व कैथल में आंदोलन व चक्का जाम को लेकर जागरूक कर रही है। टोल प्लाजा पर लगातार किसानों का कारवां
जसतेज संधू ने बताया कि 9 फरवरी दिन मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैत गांव गुमथलागढ़ू पहुंच रहे है। राकेश टिकैत गांव की अनाजमंडी में किसान सभा को संबोधित भी करेगे। इसके लिए किसानों की टोलियां गांव-गांव जाकर किसानों को निमंत्रण दे रही है। बड़ी संख्या में किसानों ने गुमथलागढ़ू पहुंचने का आश्वासन दिया है।