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रिलायंस पेट्रोल पंप पर चल रहे धरने को महिलाओं ने भी दिया समर्थन

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pradarsan - फोटो : Kurukshetra
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कुरुक्षेत्र रोड पर रिलायंस पैट्रोल पंप पर किसानों का 23वें दिन भी जारी रहा। बुधवार को
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महिलाओं ने भी धरने में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। धरनारत किसानों का कहना है कि सरकार ने 11 बैठक में मात्र औपचारिकता पूरी की, क्योकि सरकार की मंशा कृषि कानूनों को वापिस लेने की नहीं है। वहीं दिल्ली की सीमाओं पर पिछले 71 दिनों से संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले लाखों किसान धरना प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार किसानों की मांगों को मानने की बजाय अडिय़ल रवैया अपनाए हुए है। उधर, गांव थाना टोल प्लाजा व सैनी माजरा टोल प्लाजा पर किसानों का धरना 41वें दिन में प्रवेश कर गया। हालांकि बुधवार को थाना टोल प्लाजा पर किसानों की संख्या कम थी, क्योकि अधिकतर किसान कंडेला में आयोजित किसान रैली में पहुंचे हुए थे। किसानों ने टोल संघर्ष समिति के प्रधान गुरनाम सिंह व उपप्रधान मनजीत सिंह के कहा कि किसानों में दिन प्रतिदिन किसानों का जोश बढ़ता ही जा रहा है। इससे टोल पर दिए जा रहे धरने में किसानों की संख्या बढ़ती जा रही है। किसान अब अपना हक लेकर ही वापिस जाएगे। किसान सरकार से अपनी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य मांग रही है। इसके अलावा टोल प्लाजा पर किसानों के लिए दोपहर के भोजन का प्रबंधक रोजाना एक गांव द्वारा किया जाता है। बुधवार को टोल प्लाजा पर गांव भूनी द्वारा दोपहर का लंगर लगाया गया। किसान नेता मनजीत सिंह ने कहा कि टोल पर दोपहर के लंगर के लिए प्रतिदिन एक गांव की डयूटी लगाई गई। गांव भी अपनी जिम्मेवारी के तहत टोल पर लंगर लगा कर आंदोलन को सफल बनाने में अपना अहम योगदान दे रहे है।
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क्षेत्र से प्रतिदिन दिल्ली के लिए रवाना होने वाले किसानों की संख्या बढ़ती जा रही है। बुधवार को क्षेत्र के गांव पिपली माजरा, डेरा चिंतगढ़ साहिब, छैलो, लुखी से छह ट्रालियों में किसान दिल्ली के लिए रवाना हुए है। किसानों के जत्थे में शामिल किसान बलराज सिंह लुखी, बख्शीश सिंह, रणजीत सिंह, गुरनाम सिंह, हरनाम सिंह ने बताया कि अपने हक को लेने के लिए अब किसान किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेगा। सरकार किसानों पर अपने कानून जबरदस्ती नहीं थोप सकती। उन्होंने कहा कि चाहे छह महीने ओर लग जाए वे किसी भी हालत में आंदोलन को कमजोर नहीं होने देंगे।
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