कुरुक्षेत्र। कार्याशाला में मुख्य अतिथि नगर आयुक्त कपिल शर्मा को स्मृति चिह्न भेंट करते आयोजक।
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कुरुक्षेत्र। हरियाणा कला परिषद एवं जीओ गीता गुरुकुल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित बांसुरी वादन कार्यशाला का 15 वें दिन संगीत साधना और भारतीय सांस्कृतिक चेतना के नाम रहा। कार्यशाला में प्रशिक्षुओं ने बांसुरी पर विभिन्न सरगमों का अभ्यास वादन प्रस्तुत कर अपनी सीख और साधना का परिचय दिया।
मुख्य अतिथि के रूप में कैथल नगर आयुक्त एवं पूर्व एसडीएम थानेसर कपिल शर्मा ने कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीमद्भगवद्गीता के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन
कर किया। उन्होंने कहा कि बांसुरी केवल एक वाद्य यंत्र नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और अध्यात्म की अमूल्य धरोहर है।
विशिष्ट अतिथि जिले के प्रसिद्ध तबला वादक यूनुस हुसैन ने विद्यार्थियों को तबला वादन की बारीकियों से परिचित कराया। उन्होंने कहरवा और दादरा ताल का व्यवहारिक प्रशिक्षण देते हुए विभाग, मात्रा, सम और खाली जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों ने संगीत की तकनीकी समझ को और मजबूत किया। कार्यशाला संचालक एवं मुख्य प्रशिक्षक डॉ. मनीष कुकरेजा ने प्रतिभागियों को एक स्वर छोड़कर वादन करने वाले अलंकारों का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि अब तक पांच बांसुरी कार्यशालाओं का आयोजन किया जा चुका है, जिनमें लगभग 100 प्रतिभागी इस विधा का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। अंत में अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। संवाद